
वारंगल: उर्सु दशहरा समारोह से पहले वारंगल ईस्ट की MLA और पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा और काकतीय अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KUDA) की चेयरपर्सन गुंडू सुधा रानी के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं।
सुरेखा ने मंगलवार को रंगलीला मैदान का दौरा किया और उर्सु दशहरा फेस्टिवल कमिटी के निमंत्रण पर समारोह की तैयारियों का जायजा लिया।
उनके साथ डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, वारंगल पुलिस कमिश्नर, म्युनिसिपल कमिश्नर और रेवेन्यू अधिकारी भी मौजूद थे।
सुधा रानी और KUDA के अधिकारी वहां मौजूद नहीं थे।
उनके न आने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन इस घटना से दोनों नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
उर्सु दशहरा समारोह के लिए पार्किंग, बिजली, सफाई, सुरक्षा और सड़कों जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की ज़रूरत होती है।
निरीक्षण के दौरान KUDA चेयरपर्सन और अधिकारियों की गैर-मौजूदगी ने त्योहार से पहले चुने हुए प्रतिनिधियों और सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उर्सु दशहरा एक ऐसा त्योहार है जिसमें अलग-अलग वर्गों के लोग और श्रद्धालु शामिल होते हैं और इस पर राजनीतिक मतभेदों का असर नहीं पड़ना चाहिए।





