तेलंगाना

Hyderabad मेट्रो लोन विवाद पर केंद्र–राज्य के बीच बयानबाजी तेज

Kavita2
17 Jun 2026 12:32 PM IST
Hyderabad मेट्रो लोन विवाद पर केंद्र–राज्य के बीच बयानबाजी तेज
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Hyderabad हैदराबाद : मेट्रो के रीफाइनेंसिंग लोन के बंटवारे में देरी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि यह देरी किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि तकनीकी वजहों से हुई थी।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि मेट्रो रेल परियोजनाओं में आमतौर पर ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) खर्चों को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि यह सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि देशभर में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पहले O&M जरूरतों को पूरा करते हैं और उसके बाद अन्य वित्तीय दायित्वों पर विचार किया जाता है।

जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेट्रो से होने वाली आय का इस्तेमाल सबसे पहले संचालन और रखरखाव पर किया जाना चाहिए, न कि सीधे कर्ज चुकाने में।

उन्होंने कहा, "सरकार की ओर से सुझाव दिया गया था कि मेट्रो की आय का उपयोग लोन चुकाने को प्राथमिकता देने में किया जाए, लेकिन मैंने इस बात पर जोर दिया कि मेट्रो के दीर्घकालिक संचालन के लिए O&M खर्चों को प्राथमिकता देना जरूरी है।"

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह नीति का मामला है और इसे राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो सेवाओं की स्थिरता और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए वित्तीय प्रबंधन का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

इस बीच, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया था कि लोन वितरण में देरी के पीछे प्रशासनिक बाधाएं और असहयोग की स्थिति रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

मेट्रो परियोजना के वित्तीय मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख से यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो जैसी बड़ी शहरी परिवहन परियोजनाओं में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बेहद जरूरी होता है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

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