
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर, चंद्रपुर जिले के भद्रावती में दो कोयला गैसीकरण परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
शनिवार को आयोजित समारोह में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से अमोनिया, हाइड्रोजन और अमोनियम नाइट्रेट का घरेलू उत्पादन संभव हो सकेगा, जिससे कोयला न केवल बिजली उत्पादन के लिए, बल्कि रसायन, उर्वरक और औद्योगिक उत्पादों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कच्चा माल बन जाएगा।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे हज़ारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होंगे, और साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मज़बूती मिलेगी।
किशन रेड्डी ने केंद्र सरकार के उस लक्ष्य पर प्रकाश डाला जिसके तहत 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के हिस्से के रूप में, नीतियों और वित्तीय प्रोत्साहनों की मदद से 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण का लक्ष्य हासिल किया जाना है।





