
x
Hyderabad हैदराबाद। तेलंगाना ने बीते एक दशक में सेवा क्षेत्र (Services Sector) में अभूतपूर्व प्रगति कर देशभर में एक नया मानक स्थापित किया है। नीति आयोग (NITI Aayog) की ताजा रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि राज्य ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT), स्टार्टअप, वित्तीय सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में जिस तेज़ी से विकास किया है, उसने इसकी अर्थव्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में 2023–24 तक 34.8 प्रतिशत कार्यबल यानी लगभग 62 लाख लोग सेवा क्षेत्र में कार्यरत हैं, जो राष्ट्रीय औसत 29.7 प्रतिशत से कहीं अधिक है। सेवा क्षेत्र का यह विस्तार राज्य की आर्थिक संरचना को नई दिशा दे रहा है, जिससे रोजगार, निवेश और उद्यमिता के अवसरों में भारी वृद्धि हुई है।
नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तेलंगाना की प्रगति के पीछे राज्य की नीतिगत स्थिरता और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (K. Chandrashekhar Rao) के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार की "टेक-ड्रिवन" नीतियां प्रमुख कारक रही हैं। खासतौर पर हैदराबाद को ग्लोबल आईटी हब के रूप में विकसित करने के प्रयासों ने देशभर से निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तेलंगाना ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-गवर्नेंस और नवाचार पारिस्थितिकी (Innovation Ecosystem) के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। स्टार्टअप इंडिया और टी-हब जैसे इनक्यूबेशन सेंटर्स ने हजारों युवाओं को उद्यमिता की राह पर अग्रसर किया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सेवा क्षेत्र में इस उछाल का सीधा प्रभाव राज्य के राजस्व और जीडीपी ग्रोथ पर पड़ा है। पिछले पांच वर्षों में तेलंगाना का सेवा क्षेत्र औसतन 11% वार्षिक दर से बढ़ा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 7.8% रही है। आईटी एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड वृद्धि
हैदराबाद अब बेंगलुरु और पुणे के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा आईटी निर्यात केंद्र बन चुका है। 2024 में राज्य का आईटी एक्सपोर्ट 2.4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, गूगल और एप्पल जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने यहां अपने रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए हैं। विशेषज्ञों की राय आर्थिक विश्लेषक प्रो. अरविंद कुमार ने कहा, “तेलंगाना ने जिस तरह शिक्षा, टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे को जोड़कर नीति बनाई, उसने सेवा क्षेत्र को नया जीवन दिया। इस मॉडल को अन्य राज्य भी अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
निष्कर्ष
एनआईटीआई आयोग की रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि तेलंगाना अब केवल औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि सेवा क्षेत्र का पावरहाउस बन चुका है। आईटी, नवाचार और तकनीकी कौशल के बल पर राज्य ने विकास का ऐसा मॉडल पेश किया है जो आने वाले वर्षों में भारत की नई अर्थव्यवस्था के लिए दिशा तय कर सकता है।
Tagsतेलंगाना सर्विस सेक्टरNITI Aayog रिपोर्टKCRBRS सरकारहैदराबाद आईटी हबटी-हबसेवा क्षेत्र विकासआर्थिक प्रगतितेलंगाना जीडीपीआईटी एक्सपोर्टजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





