
हैदराबाद: ड्रग तस्करी के मामले की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को पता चला है कि ड्रग तस्कर डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।
NCB की जांच से पता चला है कि ड्रग तस्करी करने वाले संगठित गिरोह नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की खरीद, ट्रांसपोर्ट, छिपाने और वितरण के लिए WhatsApp, Telegram, Snapchat, Zangi, Signal और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कुछ दिन पहले राज्यसभा में तेलंगाना के राज्यसभा सदस्य एम. अनिल कुमार यादव द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी के ज़रिए होने वाली ड्रग तस्करी और इससे जुड़ी दूसरी आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने NCB के ज़रिए कई कदम उठाए हैं।
सरकार ने डार्कनेट के ज़रिए होने वाली ड्रग तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी-आधारित लेन-देन की जांच करने की क्षमता बढ़ाने के लिए साइबर विशेषज्ञों को शामिल किया है।
NCB और अन्य ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों (DLEAs) के अधिकारियों के लिए यूनाइटेड स्टेट्स-ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (US-DEA) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर के सहयोग से नियमित रूप से क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
इस कदम का मकसद साइबर-आधारित नशीले पदार्थों की जांच, डिजिटल फोरेंसिक, डार्कनेट की निगरानी, क्रिप्टोकरेंसी की जांच और टेक्नोलॉजी-आधारित ड्रग तस्करी की जांच में क्षमताओं को मजबूत करना है।





