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Telangana तेलंगाना : चल रहा कोंडा सुरेखा विवाद अब केवल ठेके और कमीशन के झगड़े तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने गंभीर राजनीतिक और जातीय स्वरूप अख्तियार कर लिया है। मंत्री कोंडा सुरेखा के परिवार ने कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार के अंदर रेड्डी नेताओं द्वारा पिछड़ा वर्ग (BC) समुदाय के व्यवस्थित दमन का आरोप लगाया है। मंत्री की बेटी कोंडा सुष्मिता ने कहा कि उनकी मां और परिवार को बीआरएस शासन के दौरान अधिक सम्मान और शांति मिली थी, जबकि अब अपनी ही पार्टी की सरकार में उन्हें “निशाना बनाया जा रहा है”। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी और सरकार में रेड्डी वर्चस्व (Reddy Supremacy) पूरी तरह हावी है। पिछड़ा वर्ग के लोगों को दबाया जा रहा है और यह बेहद अपमानजनक है।”
पोंगुलेटी रेड्डी से टकराव बना विवाद का केंद्र
यह विवाद कई दिनों से सुलग रहा है। बताया जा रहा है कि वन मंत्री कोंडा सुरेखा और राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के बीच मेदारम मंदिर कार्यों के ठेकों में दखल को लेकर तीखी तनातनी चल रही है। सुरेखा ने पहले भी आरोप लगाया था कि कुछ रेड्डी नेता उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह पोंगुलेटी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक का बहिष्कार किया था और इस संबंध में पार्टी नेतृत्व से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
मुख्यमंत्री पर भी लगाए गंभीर आरोप
सुष्मिता ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवांथ रेड्डी, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और सलाहकार वेम नरेंदर रेड्डी मिलकर बीसी नेताओं को हाशिए पर धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी मां एक फायरब्रांड नेता हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के अपमानजनक व्यवहार के कारण कई बार रो पड़ीं। उन्होंने खुद मुझसे यह बात साझा की। आखिर बीसी नेताओं को नीचा क्यों दिखाया जा रहा है? सुष्मिता ने यह भी बताया कि नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में, जिसमें एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री रेवांथ रेड्डी भी मौजूद थे, उनकी मां ने प्रशासन से जुड़ी कुछ समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया था। इस पर रेवांथ रेड्डी ने खड़गे से कहा था, “यही कारण है कि मैं इन्हें अपने घर नहीं बुलाता, ये बार-बार शिकायतें लेकर आती हैं। ‘राहुल गांधी कहते हैं बीसी के अच्छे दिन आएंगे, लेकिन यहां उलटा हो रहा है’
सुष्मिता ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राहुल गांधी देशभर में पिछड़े वर्गों के लिए अच्छे दिन लाने की बात करते हैं, लेकिन तेलंगाना में हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। हम अपनी ही सरकार में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
राजनीतिक असर गहराने की संभावना
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद न केवल कांग्रेस सरकार के भीतर गुटबाजी और जातीय तनाव को उजागर करता है, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। बीसी समुदाय से आने वाली सुरेखा का यह बयान कांग्रेस के भीतर आंतरिक असंतोष को और गहराता दिख रहा है।
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