तेलंगाना

तेलंगाना में फूलों के त्योहार 'बथुकम्मा' का स्वागत, खिले बथुकम्मा के फूल

Tulsi Rao
10 Oct 2026 11:48 AM IST
तेलंगाना में फूलों के त्योहार बथुकम्मा का स्वागत, खिले बथुकम्मा के फूल
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वारंगल: तेलंगाना शनिवार से 'एंगीली पुला बथुकम्मा' के साथ बथुकम्मा का स्वागत करने के लिए तैयार है। यह नौ दिनों तक चलने वाला फूलों का त्योहार है जो महिलाओं के आत्म-सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और लोगों व प्रकृति के बीच के बंधन का जश्न मनाता है।

कभी कुछ घरों में अंधविश्वास की नज़र से देखे जाने वाले साधारण 'टंगेडु' फूल ने अब राज्य के सबसे प्रिय त्योहार में एक अहम जगह बना ली है। गांवों और कस्बों में महिलाएं टंगेडु, गुनुगु, गेंदा और गुलदाउदी जैसे मौसमी फूलों से रंग-बिरंगी सजावट कर रही हैं, साथ ही पारंपरिक गीत गाए जा रहे हैं और सामूहिक उत्सव मनाए जा रहे हैं।

टंगेडु फूल का खास महत्व

सड़क के किनारे, खेतों और खुली जगहों पर पाए जाने वाले चमकीले पीले रंग के टंगेडु फूल का बथुकम्मा में खास स्थान है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फूलों को इकट्ठा करने की परंपरा तेलंगाना की सांस्कृतिक प्रथाओं की सादगी और पर्यावरण के प्रति समझ को दर्शाती है। यह त्योहार यह संदेश भी देता है कि हर फूल की अपनी सुंदरता और महत्व है, जिससे प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलता है।

महिलाओं की एकजुटता का जश्न

बथुकम्मा जाति, धर्म और आर्थिक अंतर से परे महिलाओं को एक साथ लाता है, जिससे उन्हें परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से फिर से जुड़ने का मौका मिलता है। पारंपरिक गीत लोक-कथाओं को संजोकर रखते हैं और पारिवारिक रिश्तों, महिलाओं के जीवन, सामाजिक अनुभवों और प्रकृति की सुंदरता को दर्शाते हैं, साथ ही सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं।

पानी के स्रोतों में बथुकम्मा का विसर्जन झीलों की सुरक्षा, उन्हें साफ रखने और त्योहार को जिम्मेदारी से मनाने के महत्व को भी उजागर करता है।

सीताक्का ने दी बधाई

ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री दानसारी अनुसूया सीताक्का ने तेलंगाना की महिलाओं और लोगों को बथुकम्मा की बधाई दी है।

इस त्योहार को तेलंगाना की संस्कृति और महिलाओं के आत्म-सम्मान का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह उन स्नेह, रिश्तों और परंपराओं को दर्शाता है जिन्होंने लोगों के जीवन को आकार दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उत्सव हर घर में खुशियां लाएगा और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने लोगों से त्योहार के दौरान झीलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करने का भी आग्रह किया।

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