तेलंगाना

Telangana : ‘भारत फ्यूचर सिटी’ परियोजना को लेकर आदिवासी किसानों का 50 दिनों से विरोध

Kavita2
2 May 2026 12:40 PM IST
Telangana : ‘भारत फ्यूचर सिटी’ परियोजना को लेकर आदिवासी किसानों का 50 दिनों से विरोध
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Telangana तेलंगाना: हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दक्षिण में रंगारेड्डी जिले के हरे-भरे क्षेत्रों में आदिवासी किसान पिछले 50 दिनों से अधिक समय से बारी-बारी से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ये किसान अपनी भूमि को बचाने की मांग कर रहे हैं और सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण न किया जाए।

यह पूरा विवाद राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘भारत फ्यूचर सिटी’ से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के कार्यकाल की एक प्रमुख योजना के रूप में इसे विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना को हैदराबाद, सिकंदराबाद और साइबराबाद के बाद तेलंगाना के चौथे बड़े शहर के रूप में देखा जा रहा है।

प्रस्तावित ‘फ्यूचर सिटी तेलंगाना’ लगभग 30,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जो रंगारेड्डी जिले के याचारम, कंदुकुर और कदथल मंडलों में स्थित है। यह परियोजना श्रीशैलम और नागार्जुनसागर राजमार्गों के बीच विकसित की जा रही है। सरकार ने इसके लिए ‘फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (FCDA) का गठन किया है, जो इस पूरे क्षेत्र के विकास और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रही है।

सरकार का दावा है कि यह भारत का पहला ‘नेट ज़ीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी’ होगा, जिसे टिकाऊ शहरी विकास का मॉडल बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा, उन्नत बुनियादी ढांचा और वैश्विक स्तर की सुविधाओं को शामिल करने की योजना है।

परियोजना के तहत विश्व स्तरीय टेक्नोलॉजी सेंटर, उद्योग क्षेत्र और पर्यावरण अनुकूल शहरी ढांचा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे एक आत्मनिर्भर शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां नवाचार और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

हालांकि दूसरी ओर, स्थानीय आदिवासी किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पारंपरिक भूमि और आजीविका खतरे में पड़ सकती है। लगातार जारी भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद की आवश्यकता बढ़ गई है, ताकि विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बनाया जा सके।

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