
हैदराबाद: राज्य सरकार ने CURE इलाके में अस्थायी और हाइपरलोकल विज्ञापनों के लिए गाइडलाइंस को मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत, वार्ड-लेवल के विज्ञापन नोडल अधिकारियों को जगहें तय करने, मंज़ूरी देने और नियमों का पालन न होने पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
हर वार्ड में अस्थायी विज्ञापनों के लिए 5 से 10 और हाइपरलोकल विज्ञापनों के लिए 25 से 50 जगहें होंगी।
इन जगहों को संबंधित डिप्टी कमिश्नर मंज़ूरी देंगे और बुकिंग के लिए उपलब्ध कराएंगे।
आवेदन करने वालों को MyCURE या विज्ञापन ऐप के ज़रिए ऐड स्लॉट बुक करने होंगे।
बुकिंग स्लॉट सात दिन पहले खुलेंगे, और एक मोबाइल नंबर से एक बार में सिर्फ़ एक स्लॉट ही बुक किया जा सकेगा।
मंज़ूर किए गए विज्ञापनों पर एक QR कोड होना ज़रूरी है, जिसमें बुकिंग की जानकारी और प्रिंटर ID होगी।
गाइडलाइंस में बिना मंज़ूरी वाले विज्ञापनों पर रोक लगाई गई है।
ऐसे विज्ञापनों को म्युनिसिपल, पुलिस या HYDRAA अधिकारी तुरंत हटा देंगे और इसके लिए जुर्माना और हटाने का खर्च ज़िम्मेदार व्यक्ति से वसूला जाएगा।
विज्ञापन पेड़ों, हेरिटेज इमारतों, बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर, फ्लाईओवर या दूसरी प्रतिबंधित सार्वजनिक जगहों पर नहीं लगाए जा सकते। साथ ही, इनसे ट्रैफ़िक, पैदल चलने वालों की आवाजाही, सिग्नल, साइनबोर्ड या CCTV की विज़िबिलिटी में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।
अस्थायी विज्ञापनों को ज़्यादा से ज़्यादा तीन दिन के लिए और हाइपरलोकल विज्ञापनों को सात दिन तक के लिए बुक किया जा सकता है।
अस्थायी विज्ञापनों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा साइज़ 18x18 फ़ीट और हाइपरलोकल विज्ञापनों के लिए 6x6 फ़ीट तय किया गया है।
इन गाइडलाइंस में ट्यूशन क्लास के नोटिस, किराए पर घर/दुकान के नोटिस, गुमशुदा व्यक्ति या कुत्ते के नोटिस, टूर्नामेंट के निमंत्रण और सामाजिक कार्यक्रमों जैसे हाइपरलोकल विज्ञापन भी शामिल हैं।
सरकार ने GHMC, साइबराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और मल्कजगिरी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नरों को इन गाइडलाइंस को लागू करने के लिए आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।





