
Telangana तेलंगाना: राज्य में लगातार चल रहे निगरानी और कथित ‘सीक्रेट परफॉर्मेंस सर्वे’ को लेकर मंत्रियों और वरिष्ठ विधायकों के एक वर्ग में असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है, जिससे राज्य मंत्रिमंडल में अंदरूनी दरारें बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
पिछले कुछ महीनों से गांधी भवन में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही हैं। अब इन चर्चाओं के बीच प्रस्तावित सर्वे की प्रकृति और उद्देश्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आधिकारिक रूप से इन सर्वे का उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर जनता से फीडबैक लेना बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य नेतृत्व द्वारा इन सर्वे को गुप्त रूप से कराया जा रहा है, जिससे मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का आकलन किया जा सके। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्री और विधायक इस प्रक्रिया से असंतुष्ट हैं और इसे आंतरिक राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
सेक्रेटेरिएट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद नेतृत्व एक और आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया पर विचार कर रहा है। इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों, विधायकों और पार्टी संगठन के बीच जमीनी स्तर पर तालमेल और प्रदर्शन का आकलन करना बताया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के मूल्यांकन और सर्वे से संगठनात्मक सुधार की कोशिशें की जाती हैं, लेकिन जब इसे लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, तो यह असंतोष का कारण भी बन सकता है। वर्तमान स्थिति में यही माना जा रहा है कि संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आने वाले दिनों में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।





