तेलंगाना

उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा दो निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी

Tulsi Rao
9 Oct 2026 3:53 PM IST
उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा दो निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी
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हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह 'विहान डायरेक्ट सेलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के दो डायरेक्टर के खिलाफ़ चार हफ़्ते तक कोई सख़्त कार्रवाई (जैसे गिरफ़्तारी) न करे। यह मामला सिद्दिपेट के एक व्यक्ति की कथित आत्महत्या से जुड़ा है, जिसे QNet और ऑनलाइन सट्टेबाजी व गेमिंग ऐप्स में निवेश करने के बाद कथित तौर पर आर्थिक नुकसान हुआ था।

जस्टिस जे. श्रीनिवास राव, 'विहान डायरेक्ट सेलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर दिलीप राज पुक्केला और मोहम्मद इम्तियाज़ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ़ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने या FIR रद्द करने से इनकार कर दिया और CBI को चार हफ़्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने के लिए टाल दी गई।

यह मामला सिद्दिपेट ज़िले के रहने वाले बडुगु हरिकृष्णा से जुड़ा है, जिनकी अक्टूबर 2025 में उनके घर पर कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी। गौरा राम पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हरिकृष्णा ने लोन ऐप्स के ज़रिए पैसे उधार लिए थे और ऑनलाइन सट्टेबाजी व गेमिंग ऐप्स में निवेश किया था। उन्होंने कथित तौर पर QNet में भी 4 लाख रुपये जमा किए थे और उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ था। शिकायत के आधार पर गौरा राम पुलिस ने मामला दर्ज किया था और मूल FIR में QNet, ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप्स का नाम तो था, लेकिन पुक्केला या इम्तियाज़ का नाम नहीं था।

जांच के दौरान पुलिस ने एक गवाह का बयान दर्ज किया, जिसके बाद मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और 'प्राइज़ चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम' से जुड़ी धाराएं जोड़ी गईं। इसके बाद मार्च 2026 में जांच CID को सौंप दी गई और बाद में CBI ने इसे अपने हाथ में ले लिया। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उन्हें केवल जांच के दौरान मामले में फंसाया गया और मूल शिकायत या FIR में उनके नाम शामिल नहीं थे।

उनके वकील ने यह भी बताया कि CBI की FIR में कहा गया था कि तेलंगाना CID से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों को मामले में शामिल किया गया है।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने खम्मम सरकारी अस्पताल द्वारा पार्किंग शुल्क वसूलने पर आपत्ति जताई, तुरंत रोकने का निर्देश दिया

हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने खम्मम ज़िला सरकारी अस्पताल द्वारा अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ियों से पार्किंग शुल्क वसूलने पर आपत्ति जताई है। जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें मरीज़ों और उनके साथ आने वाले लोगों की गाड़ियों से पार्किंग चार्ज और जुर्माना वसूलने को चुनौती दी गई थी। यह याचिका सिकंदराबाद के गांधीनगर के टी. नवीन राजू और एक अन्य याचिकाकर्ता ने दायर की थी। उनके वकील ने तर्क दिया कि अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ियों से पार्किंग चार्ज और जुर्माना वसूलना नियमों के खिलाफ था। कोर्ट ने अधिकारियों को पार्किंग फीस न वसूलने का निर्देश दिया और राज्य के अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने को कहा। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की।

TG हाई कोर्ट ने बंदी संजय के बेटे के खिलाफ POCSO मामले से जुड़ा कंटेंट दिखाने या फैलाने से मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स को रोका

हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेलीविज़न चैनलों को निर्देश दिया कि वे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ के खिलाफ दर्ज POCSO मामले से जुड़ा कंटेंट न दिखाएं और न ही फैलाएं। यह निर्देश उनकी याचिका पर अगली सुनवाई होने तक लागू रहेगा।

जस्टिस ई.वी. वेणुगोपाल ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, तेलंगाना के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व टेलीविज़न चैनलों को भी चार हफ़्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। जज भागीरथ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें इस साल मई में उनके खिलाफ दर्ज POCSO मामले से जुड़े कंटेंट के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

भागीरथ की ओर से पेश सीनियर वकील अविनाश देसाई ने कहा कि हालांकि उनके मुवक्किल को 9 जुलाई, 2026 को रेगुलर ज़मानत मिल गई थी, फिर भी टेलीविज़न चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स मामले से जुड़ा कंटेंट दिखाते और फैलाते रहे। सीनियर वकील ने कहा कि कुछ चैनलों ने याचिकाकर्ता के निजी कार्यक्रमों की तस्वीरों और वीडियो को POCSO मामले से जोड़कर दिखाया, जिससे उनकी और उनके पिता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

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