
वारंगल: दशहरा और दिवाली के पास आते ही, CCC के चेयरमैन मोगिलिचारला सुदर्शन ने सलाह दी है कि ग्राहकों को पटाखे खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यापारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और बिना सोचे-समझे बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि घटिया और खतरनाक पटाखे खरीदने से आर्थिक नुकसान हो सकता है और स्वास्थ्य व पर्यावरण को खतरा हो सकता है।
मुरारीसेट्टी यशवंत कुमार की अध्यक्षता में वारंगल यूनाइटेड डिस्ट्रिक्ट फेडरेशन के प्रतिनिधियों की बैठक में बोलते हुए, सुदर्शन ने पटाखों की बिक्री में नियमों को लागू करने और ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात की।
सुदर्शन ने जोर दिया कि वारंगल ट्राई-सिटी में बिक्री के दौरान नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल वैध अनुमति और सर्टिफिकेट वाले उत्पाद ही बेचे जाने चाहिए। उन्होंने खरीदारों से आग्रह किया कि वे CSIR-NEERI द्वारा प्रमाणित और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) के नियमों का पालन करने वाले पटाखों को ही प्राथमिकता दें।
उन्होंने ग्राहकों से कहा कि वे पैकेट पर QR कोड और उत्पाद की जानकारी देखें और अनुमति प्राप्त "ग्रीन क्रैकर्स" को प्राथमिकता दें।
उन्होंने बताया कि फेडरेशन द्वारा हाल ही में की गई टेस्ट खरीदारी में वारंगल के स्मॉल ब्रिज, हंटर रोड और ओल्ड बीथ बाजार के साथ-साथ हनमकोंडा और काजीपेट जैसे इलाकों में कई कमियां पाई गईं। उन्होंने बताया कि दुकानों ने असली बिल नहीं दिए, एक ही सामान की कीमत अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग थी, कुछ पैकेट पर QR कोड नहीं दिख रहे थे और ग्रीन क्रैकर्स उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि फेडरेशन इन सबूतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहा है।
ग्राहकों को सलाह दी गई कि वे पटाखे खरीदते समय हमेशा बिल लें और पैकेजिंग पर निर्माता की जानकारी, सुरक्षा निर्देश और सर्टिफिकेशन मार्क की जांच करें।
सुदर्शन ने किलोग्राम के हिसाब से पटाखे बेचने के तरीके पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे कीमत और गुणवत्ता में धोखाधड़ी की गुंजाइश बनती है। उन्होंने ग्राहकों से बिक्री के ऐसे तरीकों के प्रति सतर्क रहने को कहा।
उन्होंने यूनाइटेड वारंगल जिले के फेडरेशन प्रतिनिधियों से अपील की कि वे विभिन्न माध्यमों से ग्राहकों के बीच जागरूकता फैलाएं।
बैठक में जिले के प्रतिनिधियों और तकनीकी व कानूनी सलाहकारों - डिड्डी लक्ष्मीनारायण, बंदी अनिल कुमार, रायबारापु भिक्षपति, श्रीनिवास, किशन राव और अन्य लोगों ने भाग लिया।





