
नई दिल्ली: तेलंगाना के मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव (कृषि, सहकारिता, हथकरघा और कपड़ा) और उत्तम कुमार रेड्डी (सिंचाई और नागरिक आपूर्ति) ने मंगलवार को नई दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। उन्होंने किसानों के कल्याण और राज्य की कृषि संबंधी ज़रूरतों से जुड़ी मांगें उनके सामने रखीं। सांसदों रघुवीर और कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के साथ गए इस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र से तेलंगाना के किसान समुदाय की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ बैठक के दौरान, मंत्रियों ने 'नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑइल्स–ऑइल पाम' (NMEO-OP) के तहत तेलंगाना में ऑयल पाम की खेती के तेज़ी से विस्तार पर ज़ोर दिया। तेलंगाना में पहले ही 3 लाख एकड़ ज़मीन पर ऑयल पाम की खेती हो रही है, जिसमें 70,000 से ज़्यादा किसान शामिल हैं। राज्य का लक्ष्य अगले तीन सालों में इसे बढ़ाकर 10 लाख एकड़ करना है। उन्होंने चिंता जताई कि हाल ही में क्रूड पाम ऑयल पर आयात शुल्क 44% से घटाकर 16% करने से घरेलू किसानों पर बुरा असर पड़ा है, जिससे 'फ्रेश फ्रूट बंच' (FFB) की कीमतें कम हो गई हैं। मंत्रियों ने 44% शुल्क को फिर से लागू करने और किसानों की सुरक्षा के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' और खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 'न्यूनतम गारंटीकृत मूल्य' (MGP) शुरू करने का अनुरोध किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना में DAP और यूरिया खाद की तुरंत आपूर्ति की मांग की, क्योंकि खरीफ सीज़न की शुरुआत के साथ इनकी मांग तेज़ी से बढ़ी है। उन्होंने दालों और तिलहनों की खरीद पर लगी 25% की सीमा को हटाने का भी आग्रह किया। उनका तर्क था कि किसानों को अपनी पूरी उपज 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' (MSP) पर बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे खेती में विविधता को बढ़ावा मिलेगा, खाद्य सुरक्षा मज़बूत होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
मंत्रियों ने मक्का और ज्वार की खरीद का मुद्दा भी उठाया। इस साल तेलंगाना में रिकॉर्ड 15 लाख टन मक्का और 3 लाख टन ज्वार का उत्पादन हुआ है, लेकिन बाज़ार में इनकी कीमतें MSP से नीचे चली गई हैं। हालांकि राज्य सरकार ने इन फसलों की खरीद के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, लेकिन मंत्रियों ने केंद्र से अनुरोध किया है कि वह किसानों की परेशानी कम करने के लिए मक्का और ज्वार को MSP खरीद के दायरे में शामिल करे।





