
Telangana तेलंगाना: तेलंगाना कैबिनेट ने शनिवार को राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े दो अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने राज्य के सभी जूनियर कॉलेजों (11वीं और 12वीं कक्षा) के छात्रों के लिए मिड-डे मील योजना शुरू करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ‘इंदिरम्मा’ हाउसिंग स्कीम के दूसरे चरण के तहत 2.50 लाख नए घरों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि यह निर्णय शिक्षा और आवास दोनों क्षेत्रों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
मिड-डे मील योजना के तहत अब जूनियर कॉलेजों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई में उनकी भागीदारी और बेहतर होगी। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं, ‘इंदिरम्मा’ हाउसिंग स्कीम के दूसरे चरण में 2.50 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि सरकार पहले चरण में भी बड़े पैमाने पर आवास परियोजना लागू कर चुकी है। पहले चरण में लगभग 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 4.50 लाख घरों को मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नई योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 2,000 घरों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में समान रूप से आवास सुविधा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए पक्का घर उपलब्ध कराया जाए।
कैबिनेट के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाएं देना नहीं है, बल्कि शिक्षा और आवास दोनों क्षेत्रों में सामाजिक समानता को बढ़ावा देना भी है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जूनियर कॉलेज स्तर पर मिड-डे मील योजना शुरू करना एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह शिक्षा छोड़ने की दर को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, आवास योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहने की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि इन योजनाओं को जल्द ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और संबंधित विभागों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इन फैसलों के साथ तेलंगाना सरकार ने एक बार फिर सामाजिक कल्याण और विकास को अपनी प्राथमिकता में रखने का संदेश दिया है।





