तेलंगाना

Telangana: पुरुष और महिलाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि एक-दूसरे से श्रेष्ठ: चारु सिन्हा

Tulsi Rao
11 Oct 2026 4:07 PM IST
Telangana: पुरुष और महिलाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि एक-दूसरे से श्रेष्ठ: चारु सिन्हा
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हैदराबाद: तेलंगाना क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की प्रमुख चारू सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पुरुष और महिलाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं और कोई भी एक-दूसरे से बेहतर या कमतर नहीं है।

उन्होंने #StandWithHer कैंपेन में हिस्सा लिया और शनिवार को हैदराबाद में डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के WeHub में इसकी पैनल चर्चा सीरीज़ के आठवें एडिशन को होस्ट किया। इस इवेंट में मीडिया, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, कला और एंटरप्रेन्योरशिप के जाने-माने लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने व्यक्तियों, रिश्तों और समाज पर गुस्से, अहंकार और 'टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी' (हानिकारक पुरुषवादी सोच) के असर पर चर्चा की। साथ ही, सम्मान, सहानुभूति और जवाबदेही पर आधारित पुरुषत्व के स्वस्थ रूपों को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर भी बात की।

चर्चा के दौरान चारू सिन्हा ने ज़ोर देकर कहा कि टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी से जुड़ा व्यवहार सीखा जाता है और इसलिए, इसे बदला भी जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि पुरुषों और महिलाओं को एक-दूसरे की ज़रूरत है, और कहा, "हमें यह भी देखना चाहिए कि पुरुष और महिलाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं। कोई भी एक-दूसरे से बेहतर या कमतर नहीं है।" उन्होंने बेहतर रिश्तों और ज़्यादा समावेशी समाज बनाने में आपसी सम्मान और समानता के महत्व पर ज़ोर दिया।

चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि कैसे पुरुषत्व के बारे में समाज की उम्मीदें अक्सर गुस्से, कंट्रोल और दबदबे को सामान्य बना देती हैं, और कैसे ये सोच निजी रिश्तों, वर्कप्लेस और सार्वजनिक जगहों पर असर डाल सकती है। पैनल ने गहराई से बसी रूढ़ियों को चुनौती देने, भावनात्मक जागरूकता को बढ़ावा देने और ऐसा माहौल बनाने की ज़रूरत पर बात की जहाँ पुरुष बिना किसी के जज किए जाने के डर के अपनी बात कह सकें। बातचीत में हानिकारक व्यवहार को बदलने और ज़्यादा सम्मानजनक व बराबरी वाले रिश्ते बनाने में महिलाओं और पुरुषों की भूमिका पर भी रोशनी डाली गई।

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