तेलंगाना

Telangana गुरुकुल स्कूल: सीनियर्स का जूनियर्स पर तांडव, छात्र पुलिस पहुंचे

Harrison
6 April 2026 9:52 PM IST
Telangana  गुरुकुल स्कूल: सीनियर्स का जूनियर्स पर तांडव, छात्र पुलिस पहुंचे
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Telangana, तेलंगाना : तेलंगाना के एक प्रसिद्ध गुरुकुल स्कूल में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर्स की बेरहमी से पिटाई करने की घटना सामने आई है। छात्रों ने यह हिंसा कथित तौर पर “सम्मान” या शिक्षा में अनुशासन के नाम पर की, जिससे जूनियर छात्र काफी डरे और पुलिस स्टेशन तक पहुँचे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना सोमवार को स्कूल परिसर में हुई। जूनियर छात्रों ने बताया कि सीनियर छात्रों ने उन्हें कई घंटों तक मारपीट और मानसिक डर के माध्यम से दबाया। चोटों और डर के कारण कई छात्र सहम गए और तुरंत अपने माता-पिता और पुलिस को सूचित किया।
स्कूल प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वे मामले की तुरंत जांच कर रहे हैं। स्कूल के प्रिंसिपल ने बयान में कहा कि गुरुकुल में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन किसी भी छात्र को चोट पहुँचाना या डराना अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और कई छात्रों और गवाहों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों को कमरे में बंद करके और शारीरिक दंड देकर उन्हें धमकाया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह मामला बाल उत्पीड़न के तहत दर्ज किया गया है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने स्कूल के सुरक्षा और अनुशासनात्मक नीतियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में इस तरह के “सम्मान के नाम पर मारपीट” के प्रचलन से छात्रों में डर और मानसिक तनाव बढ़ता है। बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अनुभव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन प्रभाव डाल सकते हैं।
माता-पिता और अभिभावकों ने घटना की कड़ी निंदा की और स्कूल प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अनुशासन के नाम पर हिंसा रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल में सुरक्षित वातावरण की उम्मीद रखते हैं, लेकिन सीनियर छात्रों के तांडव ने उन्हें भयभीत कर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई। उनका कहना है कि स्कूलों में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन इसे मारपीट और डराने-धमकाने के माध्यम से लागू करना गैरकानूनी और अमानवीय है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी स्कूलों में सुरक्षा मानक और शिकायत निवारण तंत्र प्रभावी रूप से लागू हों।
विद्यालय की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा पैदा कर दी है। छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में सीनियर-जूनियर संबंधों में यह शक्ति असंतुलन गंभीर परिणाम ला सकता है, और इसे रोकने के लिए मॉडर्न सुरक्षा और रिपोर्टिंग मैकेनिज्म की आवश्यकता है।
कुल मिलाकर, तेलंगाना के गुरुकुल स्कूल में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर्स की बेरहमी से पिटाई ने बाल सुरक्षा, अनुशासन और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, स्कूल प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और अभिभावक तथा सामाजिक संगठन लगातार छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर दबाव डाल रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन के नाम पर हिंसा स्वीकृत नहीं की जा सकती और इसके लिए कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाना आवश्यक है।
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