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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को कहा कि साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दक्षिण भारत के सभी राज्यों की पुलिस को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों के नेटवर्क अब राज्यों की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। ऐसे में पुलिस विभागों के बीच बेहतर तालमेल, तकनीकी सहयोग और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद जरूरी हो गया है।हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने तेलंगाना में किए गए पुलिस सुधारों और अपराध नियंत्रण से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ अपनी तकनीक और अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।
दक्षिणी राज्यों की पुलिस के बीच बढ़ेगा सहयोग
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। विशेष रूप से साइबर धोखाधड़ी, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति आवश्यक है।उन्होंने अधिकारियों से राज्यों की सीमाओं से आगे बढ़कर आपसी सहयोग मजबूत करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार अपने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की तकनीकी व्यवस्था और अन्य संसाधनों को पड़ोसी राज्यों के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।इस पहल का उद्देश्य दक्षिण भारत में अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
साइबर अपराध नियंत्रण में तेलंगाना की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पुलिस व्यवस्था में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की 'प्रगति' समीक्षा के दौरान साइबर अपराध की रोकथाम में तेलंगाना को देश में पहला स्थान मिला।रेवंत रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों की रकम वापस दिलाने में उल्लेखनीय काम किया है।उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों की सहायता के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबार को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।उन्होंने कहा कि तेलंगाना की विशेष नशा विरोधी इकाई ईगल (EAGLE) ने मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण काम किया है।रेवंत रेड्डी के अनुसार, नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र सरकार ने तेलंगाना को 80 प्रतिशत से अधिक अंक दिए हैं।उन्होंने बताया कि राज्य में नशा विरोधी अभियानों को मजबूत करने के लिए विशेष पुलिस इकाइयों और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नक्सली हिंसा से निपटने में सफलता का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि तेलंगाना को नक्सल हिंसा से मुक्त बनाने के प्रयासों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी तेलंगाना को नक्सल-मुक्त बनाने के लिए राज्य के अधिकारियों को बधाई दी थी।उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं और बेहतर समन्वय से राज्य में उग्रवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।हालांकि, नक्सल-मुक्त होने संबंधी यह दावा मुख्यमंत्री के बयान के आधार पर है।
पांच राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल
हैदराबाद में आयोजित इस बैठक में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।इसके अलावा पुडुचेरी, लक्षद्वीप तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।बैठक में केंद्रीय जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने भी भागीदारी कीतेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद ने कहा कि साइबर अपराधी, नशीले पदार्थों के तस्कर और संगठित आपराधिक गिरोह कई राज्यों में सक्रिय रहते हैं। इसलिए समय पर खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मजबूत होगी पुलिस व्यवस्था
बैठक में आधुनिक पुलिसिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी चर्चा हुई।इसके अलावा आतंकवाद, मानव तस्करी, आर्थिक अपराध, तटीय सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विचार किया गया।तेलंगाना सरकार ने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधियों की पहचान, जांच प्रक्रिया और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताया।उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। इसलिए उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने यंग इंडिया पुलिस स्कूल, ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए आवास सहायता और पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।रेवंत रेड्डी ने कहा कि सभी दक्षिणी राज्यों की पुलिस एकजुट होकर काम करेगी तो अपराध रोकने और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
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