तेलंगाना

तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐलान गणेश विसर्जन के दिन सार्वजनिक छुट्टी

Ratna Netam
23 Sept 2026 8:45 PM IST
तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐलान गणेश विसर्जन के दिन सार्वजनिक छुट्टी
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हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने गणेश प्रतिमा विसर्जन के अंतिम जुलूस को देखते हुए शुक्रवार, 25 सितंबर को हैदराबाद-सिकंदराबाद जुड़वां शहरों के साथ रंगा रेड्डी और मेडचल-मलकजगिरी जिलों में छुट्टी घोषित की है। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों के सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। सरकार ने बड़े पैमाने पर होने वाले गणेश विसर्जन और सड़कों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया हैतेलंगाना के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक 25 सितंबर की छुट्टी के बदले शनिवार, 14 नवंबर को कार्य दिवस घोषित किया गया है। 14 नवंबर महीने का दूसरा शनिवार है, लेकिन इस दिन संबंधित सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में सामान्य कामकाज होगा।सरकार की ओर से जारी व्यवस्था के मुताबिक हैदराबाद और सिकंदराबाद के अलावा रंगा रेड्डी तथा मेडचल-मलकजगिरी जिले भी छुट्टी के दायरे में रहेंगे। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए हैदराबाद के विभिन्न निर्धारित स्थलों तक पहुंचती हैं।गणेश उत्सव के अंतिम चरण में होने वाला विसर्जन जुलूस हैदराबाद के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से हजारों प्रतिमाएं जुलूस के रूप में विसर्जन स्थलों तक लाई जाती हैं। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के सड़कों पर मौजूद रहने की संभावना रहती है। इसी वजह से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन भी लागू किए जाते हैं।
20 हजार पुलिसकर्मी तैनात
अंतिम गणेश विसर्जन जुलूस के लिए हैदराबाद सिटी पुलिस ने भी व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ ट्रैफिक पुलिस और अन्य विशेष इकाइयों को भी शामिल किया गया है।पुलिस का मुख्य फोकस जुलूस मार्गों, प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और विसर्जन स्थलों पर रहेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।हैदराबाद सिटी पुलिस के अनुसार त्योहार के तीसरे दिन से ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चल रहा है। अब तक विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। शुक्रवार को होने वाले अंतिम और बड़े जुलूस को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है।
बालापुर जुलूस पर खास नजर
बालापुर से निकलने वाला गणेश जुलूस शहर के प्रमुख विसर्जन जुलूसों में शामिल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। जुलूस शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए निर्धारित विसर्जन स्थल तक पहुंचता है।पुलिस ने इस जुलूस के मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाने की व्यवस्था की है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण और निर्धारित प्रवेश-निकास व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।हैदराबाद के अलावा साइबराबाद, राचकोंडा और आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की चुनौती केवल जुलूस की सुरक्षा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि शहर में सामान्य यातायात और आपात सेवाओं को सुचारु बनाए रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
कई विभाग मिलकर संभालेंगे व्यवस्था
विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय किया गया है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम यानी GHMC, बिजली विभाग, हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और अन्य एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।नगर निगम की टीमें सफाई और विसर्जन स्थलों की व्यवस्था संभालेंगी। बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद सफाई के लिए भी कर्मचारियों और संसाधनों की जरूरत होगी।बिजली विभाग को जुलूस मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बड़ी और ऊंची प्रतिमाओं को ले जाते समय बिजली के तारों और अन्य उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। संबंधित विभागों की टीमें जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी।
यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव संभव
गणेश विसर्जन के कारण शुक्रवार को हैदराबाद के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस आवश्यकता के अनुसार प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेगी और ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ा जाएगा।जिन मार्गों से बड़ी गणेश प्रतिमाएं गुजरेंगी वहां भारी वाहनों और सामान्य यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। लोगों को भी यात्रा से पहले यातायात संबंधी एडवाइजरी देखने और संभव हो तो जुलूस वाले मार्गों से बचने की सलाह दी गई है।सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित किए जाने से सड़कों पर नियमित यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे पुलिस को जुलूस और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षा के लिए व्यापक निगरानी
पुलिस जुलूस के दौरान CCTV कैमरों और नियंत्रण कक्ष के जरिए भी निगरानी करेगी। भीड़ वाले स्थानों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।पुलिस ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।विसर्जन स्थलों पर भी विशेष सुरक्षा इंतजाम रहेंगे। बड़ी प्रतिमाओं को पानी में उतारने के दौरान दुर्घटना की आशंका को देखते हुए निर्धारित प्रक्रिया का पालन कराया जाएगा।
14 नवंबर को रहेगा वर्किंग डे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 25 सितंबर को दी जा रही छुट्टी अतिरिक्त अवकाश के रूप में नहीं होगी। इसके बदले 14 नवंबर को सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों के लिए कार्य दिवस घोषित किया गया है। सामान्य परिस्थितियों में दूसरा शनिवार होने के कारण इस दिन अवकाश रहता, लेकिन इस बार संबंधित संस्थान खुले रहेंगे।सरकार का यह फैसला गणेश विसर्जन के दौरान बड़े पैमाने पर होने वाली आवाजाही और यातायात प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर लिया गया है।शुक्रवार को हजारों गणेश प्रतिमाओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के विसर्जन जुलूस में शामिल होने की संभावना के बीच प्रशासन ने छुट्टी, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारी की है। करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ अलग-अलग सरकारी एजेंसियां भी व्यवस्था संभालेंगी।प्रशासन का लक्ष्य है कि गणपति बप्पा की अंतिम विदाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में पूरी हो। वहीं 25 सितंबर की छुट्टी के बदले 14 नवंबर को कार्य दिवस रखकर सरकारी कामकाज और शिक्षण संस्थानों के कैलेंडर में संतुलन बनाने की व्यवस्था की गई है।
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