
Telangana तेलंगाना: कासिपेट मंडल में वन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां एक प्रशिक्षित स्निफर डॉग की मदद से तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी जंगली जानवरों के शिकार के लिए अपने ही पालतू कुत्तों को प्रशिक्षित करते थे और जंगल में उनका इस्तेमाल करते थे।
वन अधिकारियों के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब देवापुर बीट के जंगल क्षेत्र में सांभर हिरण के अवैध शिकार की सूचना मिली। जांच के दौरान फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें जन्नाराम डिवीजन के एक स्निफर डॉग ने अहम भूमिका निभाई। उसी की मदद से तीनों आरोपियों तक पहुंच संभव हो सकी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पेंद्रम विजय, सिदम पवन और सेदमाकी लाचू के रूप में हुई है, जो गत्रोपल्ली और इप्पलागुडा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। वन विभाग ने उन्हें जंगली जानवर के शिकार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जंगल में आवारा और पालतू कुत्तों को प्रशिक्षित किया था ताकि वे जंगली जानवरों का पीछा कर सकें और उन्हें पकड़ सकें। इसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचकर जानवरों का शिकार करते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल थे और मांस के लिए जंगली जानवरों का शिकार करते थे। हालिया घटना में उन्होंने सांभर हिरण का शिकार करने की बात भी स्वीकार की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध शिकार नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
वन अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में स्निफर डॉग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही, जिसने सही दिशा में सुराग देकर टीम को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। इसे वन विभाग की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और जंगलों में अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह मामला वन्यजीव संरक्षण और कानून व्यवस्था के लिए एक अहम उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां तकनीक और प्रशिक्षित डॉग की मदद से अपराधियों तक पहुंच संभव हो सकी।





