
आदिलाबाद: आदिलाबाद ज़िले में कपास और सोयाबीन उगाने वाले किसान अपनी खड़ी फ़सलों, खासकर सोयाबीन को लेकर परेशान हैं, क्योंकि कम बारिश की वजह से वे सूख रही हैं।
किसान फ़सलों को बचाने के लिए स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कपास तो थोड़ी-बहुत बारिश में भी बच सकती है, लेकिन दूसरी फ़सलों को कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की ज़रूरत होती है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बारिश न होने से पीने के पानी की कमी भी हो सकती है।
आदिलाबाद ज़िले में खरीफ़ सीज़न के दौरान किसानों ने 4.30 लाख एकड़ में कपास, 56,000 एकड़ में सोयाबीन, 42,000 एकड़ में अरहर और 21,000 एकड़ में मक्का की खेती की थी।
फ़सल का अच्छा दाम मिलने की उम्मीद में कपास की खेती का रकबा थोड़ा बढ़ गया था।
सोयाबीन के पौधे तो बढ़ गए हैं, लेकिन समय पर बारिश न होने की वजह से बीज पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाए हैं।
किसानों का कहना है कि बारिश के पैटर्न में बदलाव से फ़सलें प्रभावित हो रही हैं और अगर सूखा जारी रहा तो कपास की फ़सल पर पड़ने वाले असर को लेकर उन्होंने चिंता जताई।
आदिलाबाद ज़िले में बारिश में 31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है; 1 जून से अब तक यहाँ सामान्य 984.4 मिमी के मुकाबले 679.7 मिमी बारिश हुई है।
निर्मल, मंचिरियल और कोमाराम भीम आसिफाबाद ज़िलों में सामान्य बारिश हुई।
पोचेरा गाँव के किसान संजीव रेड्डी ने बताया कि कम बारिश की वजह से सोयाबीन की फ़सल प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि उनके खेत के एक हिस्से में बारिश हुई, जबकि दूसरे हिस्से में नहीं।
उन्होंने कहा कि खड़ी फ़सलों पर अल-नीनो का असर दिख रहा है, लेकिन अभी वे पैदावार पर इसके असर के बारे में कुछ नहीं कह सकते।
आदिलाबाद में लोग पिछले कुछ दिनों से उमस भरे मौसम और तेज़ गर्मी का भी सामना कर रहे हैं।





