तेलंगाना

Telangana : कॉन्ट्रैक्ट हेल्थकेयर वर्कर्स का प्रदर्शन, वेतन बढ़ोतरी और लंबित भुगतान की मांग

Kavita2
7 July 2026 1:43 PM IST
Telangana : कॉन्ट्रैक्ट हेल्थकेयर वर्कर्स का प्रदर्शन, वेतन बढ़ोतरी और लंबित भुगतान की मांग
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हैदराबाद : तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले फील्ड लेवल के कॉन्ट्रैक्ट हेल्थकेयर वर्कर्स ने मंगलवार को एक घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की।

यह प्रदर्शन तेलंगाना मेडिकल कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में किया गया, जो ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) से जुड़ा संगठन है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

सरकारी अस्पतालों में एक घंटे का प्रदर्शन

मंगलवार को राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने एक घंटे तक विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।

प्रदर्शन में सफाई कर्मचारी, पेशेंट केयर स्टाफ, सुरक्षा कर्मचारी और अन्य संविदा स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से कम वेतन और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

वेतन बढ़ाने की मांग

कॉन्ट्रैक्ट हेल्थकेयर वर्कर्स की प्रमुख मांग वेतन में बढ़ोतरी की है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है।

कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनके वेतन ढांचे की समीक्षा कर जल्द से जल्द बढ़ोतरी की जाए।

गुरुवार को बड़े प्रदर्शन का ऐलान

यूनियन नेताओं ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो गुरुवार को हैदराबाद के कोटि स्थित डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME) कार्यालय के सामने बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

यूनियन ने कहा है कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने और अस्पतालों में हड़ताल करने का कदम उठा सकते हैं।

भुगतान में देरी का आरोप

AITUC के राज्य डिप्टी जनरल सेक्रेटरी एम. नरसिम्हा ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किए जा रहे दावों और जमीनी स्थिति में अंतर है।

उन्होंने कहा कि सरकार भले ही समय पर भुगतान का दावा करती हो, लेकिन सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले कई कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अभी भी अपनी सैलरी का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अस्पतालों में सफाई, मरीजों की देखभाल और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारी भुगतान में देरी से परेशान हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। सफाई व्यवस्था, मरीजों की सहायता और सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों के भरोसे चलती हैं।

ऐसे में यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो अस्पतालों की सामान्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।

हालांकि, यूनियन ने अभी केवल चेतावनी दी है और सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की उम्मीद जताई है।

कर्मचारियों की अन्य मांगें भी लंबित

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याएं केवल वेतन तक सीमित नहीं हैं। वे नौकरी की सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियों और अन्य सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं।

यूनियन नेताओं ने कहा कि कई वर्षों से काम करने के बावजूद कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

सरकार से बातचीत की उम्मीद

कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द समाधान निकाला जाए।

यूनियन का कहना है कि कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

आगे की रणनीति पर नजर

फिलहाल मंगलवार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अब सभी की नजर गुरुवार को होने वाले प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन पर है।

यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

कॉन्ट्रैक्ट हेल्थकेयर वर्कर्स की मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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