तेलंगाना

SIR प्रक्रिया के बचाव में उतरे तेलंगाना BJP अध्यक्ष, कांग्रेस पर लगाया ‘झूठी कहानी’ गढ़ने का आरोप

Kavita2
5 Oct 2026 11:20 AM IST
SIR प्रक्रिया के बचाव में उतरे तेलंगाना BJP अध्यक्ष, कांग्रेस पर लगाया ‘झूठी कहानी’ गढ़ने का आरोप
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हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तेलंगाना अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने सोमवार को मतदाता सूची से जुड़ी 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देशभर में मतदाता सूचियों को अपडेट और व्यवस्थित करना है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर SIR को लेकर गलत धारणा पैदा करने का आरोप लगाया।

रामचंद्र राव ने कहा कि SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से केंद्र की सत्ता से बाहर रहने की निराशा में पार्टी इस मुद्दे को लेकर एक “झूठी कहानी” गढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को समय-समय पर अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। SIR को भी इसी प्रक्रिया के तहत देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा और अपडेट रखना है, न कि पात्र मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करना।

तेलंगाना BJP अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी चिंताएं और दावे सामने रख रहे हैं। इसी बीच राव ने BJP की ओर से इसका बचाव करते हुए इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।

राव ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि SIR के उद्देश्य को लेकर लोगों के सामने गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उनके मुताबिक मतदाता सूची में सही और पात्र मतदाताओं की जानकारी सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर संशोधन जरूरी होता है।

उन्होंने SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक रूप देने का भी आरोप लगाया। राव के मुताबिक मतदाता सूची का संशोधन कोई असामान्य प्रक्रिया नहीं है और इसे राजनीतिक विवाद के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।

BJP नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का सही और अपडेट होना बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची ही यह तय करने का आधार होती है कि पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। इसलिए इसमें मौजूद जानकारियों को समय-समय पर अपडेट करने की आवश्यकता होती है।

रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर राजनीतिक कारणों से SIR का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक दशक से अधिक समय से केंद्र की सत्ता से बाहर है और इसी निराशा के कारण पार्टी इस प्रक्रिया को लेकर “झूठी कहानी” बना रही है। यह राव का राजनीतिक आरोप है और कांग्रेस की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी उपलब्ध मैटर में नहीं दी गई है।

SIR को लेकर राव का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को व्यवस्थित करना है। उन्होंने इस धारणा को खारिज किया कि इसके माध्यम से वास्तविक या पात्र मतदाताओं को मतदान के अधिकार से दूर करने की कोशिश की जा रही है।

उनके बयान में मतदाता सूची की शुद्धता को चुनावी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने कहा कि देशभर में मतदाता सूचियों को अपडेट करने और उनमें आवश्यक सुधार करने के लिए इस तरह की प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाती है।

SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि मतदाता सूची सीधे चुनाव और मतदान के अधिकार से जुड़ी होती है। मतदाता सूची में नाम शामिल होने या हटने जैसे विषयों को लेकर राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से अधिक रहती है।

इसी वजह से SIR को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग दावों के बीच तेलंगाना BJP अध्यक्ष ने प्रक्रिया के समर्थन में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि इसे वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों के खिलाफ उठाया गया कदम बताना सही नहीं है।

राव के मुताबिक SIR एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे देशभर की मतदाता सूचियों को अपडेट और साफ-सुथरा बनाने की कवायद बताया। साथ ही कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच गलत संदेश पहुंचाने का आरोप लगाया।

तेलंगाना में भी SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के बीच राव की टिप्पणी सामने आई है। BJP इस प्रक्रिया को मतदाता सूची में सुधार से जोड़ रही है, जबकि इसे लेकर उठने वाले सवालों को पार्टी नेता राजनीतिक आरोप बता रहे हैं।

रामचंद्र राव ने अपने बयान में कांग्रेस को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी केंद्र की सत्ता से लंबे समय से बाहर रहने के कारण निराश है और इसी वजह से SIR के बारे में एक ऐसी कहानी पेश कर रही है, जो उनके मुताबिक वास्तविकता से मेल नहीं खाती।

हालांकि मतदाता सूची में संशोधन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकारों का सवाल महत्वपूर्ण रहता है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक दलों के दावों के साथ इसकी वास्तविक प्रक्रिया और लागू नियमों पर भी चर्चा जारी है।

राव ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि SIR का उद्देश्य वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अपडेट करना है। उन्होंने प्रक्रिया का बचाव करते हुए इसे चुनावी प्रशासन का सामान्य हिस्सा बताया।

इस मुद्दे पर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। फिलहाल तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने SIR के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है और उस पर मतदाताओं के बीच “झूठी कहानी” फैलाने का आरोप लगाया है।

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