तेलंगाना

Telangana: एआई रिस्टबैंड का लक्ष्य स्क्रीनलेस असिस्टेंट प्रदान करना है

Tulsi Rao
24 Oct 2026 3:56 PM IST
Telangana: एआई रिस्टबैंड का लक्ष्य स्क्रीनलेस असिस्टेंट प्रदान करना है
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हैदराबाद: क्या कोई AI असिस्टेंट बिना स्क्रीन के भी इतना समझदार हो सकता है कि आपके काम आ सके? खासकर तब, जब आपके आस-पास लोग बातें कर रहे हों या आप बातचीत के बीच में ही भाषा बदल दें? हैदराबाद के 20 वर्षीय आरव गर्ग के सामने यही एक बड़ी चुनौती है। वे 'पर्सोना' (Persona) स्टार्टअप की फाउंडिंग टीम के सदस्य हैं, जो बिना स्क्रीन वाला एक AI रिस्टबैंड (कलाई पर पहनने वाला डिवाइस) विकसित कर रहे हैं।

चीफ हार्डवेयर ऑफिसर के तौर पर, गर्ग हार्डवेयर इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग की देखरेख करते हैं। इसमें चीन के पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करना भी शामिल है। चुनौती सिर्फ एक छोटी डिवाइस में तकनीक फिट करने की नहीं है, बल्कि बैटरी क्षमता से लेकर कनेक्टिविटी तक, एक पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) की सीमाओं के भीतर वॉयस-आधारित AI को भरोसेमंद बनाने की है।

गर्ग ने बताया, "जब कोई यूज़र रिस्टबैंड से बात करता है, तो ऑडियो उनके स्मार्टफोन के ज़रिए हमारे सर्वर तक पहुँचता है। वहाँ एडवांस्ड AI मॉडल उस रिक्वेस्ट को समझते हैं, हमारे इंटेलिजेंस लेयर के ज़रिए प्रोसेस करते हैं और एक सही जवाब तैयार करते हैं।"

यह रिस्टबैंड अपने इन-बिल्ट स्पीकर, स्मार्टफोन नोटिफिकेशन या एयरपॉड्स जैसे कनेक्टेड ऑडियो डिवाइस के ज़रिए जवाब देता है। इसे नोट लेने, ईमेल ड्राफ्ट करने और अपॉइंटमेंट मैनेज करने जैसे काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये सुविधाएँ पहले से ही 'पर्सोना' के iMessage-आधारित एजेंट में मौजूद हैं।

गर्ग ने बताया, "रिस्टबैंड बेसिक ऑडियो फ़िल्टरिंग जैसे हल्के काम संभालता है, जबकि ज़्यादातर AI प्रोसेसिंग कनेक्टेड स्मार्टफोन या हमारे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर होती है।" उन्होंने आगे कहा कि इस आर्किटेक्चर की मदद से कलाई पर भारी-भरकम हार्डवेयर लगाए बिना भी एडवांस्ड AI सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्पीच रिकग्निशन (आवाज़ पहचानना) एक और चुनौती है, खासकर शोर-शराबे वाली जगहों पर या जहाँ कई लोग एक साथ बात कर रहे हों। 'पर्सोना' दो माइक्रोफ़ोन और ऐसे मॉडल का इस्तेमाल करता है जो शोर को फ़िल्टर कर सकते हैं, बोलने वाले की पहचान कर सकते हैं और अलग-अलग भाषाओं को प्रोसेस कर सकते हैं। गर्ग ने बताया, "हमारे AI मॉडल में बेहतरीन नॉइज़ फ़िल्टरिंग, स्पीकर की पहचान और कई भाषाओं को समझने की क्षमता है।" उन्होंने यह भी बताया कि डुअल-माइक्रोफ़ोन सेटअप यूज़र की आवाज़ को बाकी शोर से अलग कर देता है।

कंपनी का कहना है कि उनकी तकनीक 120 से ज़्यादा भाषाओं को सपोर्ट करती है। गर्ग ने बताया कि उन्होंने इस सिस्टम को हिंदी और तेलुगु भाषाओं के साथ टेस्ट किया है, जिसमें भाषाओं को आपस में मिलाना (कोड-स्विचिंग) भी शामिल है। उन्होंने कहा, "भारत में यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यहाँ रोज़मर्रा की बातचीत में अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषाओं के बीच स्विच करना बहुत आम बात है।"

बिना स्क्रीन वाले इस डिज़ाइन के साथ एक व्यावहारिक सवाल भी उठता है: यूज़र कैसे चेक करेंगे कि AI ने उनके नोट को सही से रिकॉर्ड किया है या मैसेज को सही ढंग से ड्राफ्ट किया है? पर्सोना का साथी स्मार्टफोन ऐप, AI द्वारा तैयार किए गए कंटेंट की समीक्षा और उसमें सुधार करने की सुविधा देता है। गार्ग ने माना कि "AI कभी-कभी गलतियां कर सकता है," इसलिए एडवांस मॉडल होने के बावजूद समीक्षा प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।

यह रिस्टबैंड 179 डॉलर में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है, और इसकी शिपिंग दिसंबर 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। पर्सोना ने वाइन वेंचर्स के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड में 10 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन 100 मिलियन डॉलर आंका गया है।

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