तेलंगाना
तेलंगाना: 48.88 लाख मतदाताओं को अंतिम सूची में मिली मंजूरी
Tara Tandi
30 Sept 2026 3:23 PM IST

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हैदराबाद: तेलंगाना में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के तहत जारी नोटिसों पर सुनवाई और उनके निपटारे के बाद, 48.88 लाख से ज़्यादा वोटरों को फ़ाइनल वोटर लिस्ट में शामिल करने की मंज़ूरी मिल गई है।
चीफ़ इलेक्टोरल ऑफ़िसर सी. सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि 29 सितंबर तक, कुल 48,88,076 वोटर फ़ाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए योग्य पाए गए।
SIR के तहत नोटिस जारी करने और दावों व आपत्तियों के निपटारे के चरणों में, रिकॉर्ड में लॉजिकल गड़बड़ियों और मैपिंग न होने की वजह से कुल 92,88,180 नोटिस जारी किए गए थे।
चुनाव अधिकारियों ने 88,52,173 नोटिस डिलीवर किए। CEO के अनुसार, 4,36,007 नोटिस अभी डिलीवर होने बाकी हैं।
अधिकारियों ने अब तक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर्स (EROs) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर्स (AEROs) के सामने 61,87,444 सुनवाइयां की हैं। इन सुनवाइयों के ज़रिए प्रोसेस किए गए मामलों में से, 48,88,076 वोटर योग्य पाए गए और उन्हें फ़ाइनल लिस्ट में शामिल करने की मंज़ूरी दी गई।
कुल 12,99,368 नोटिसों का वेरिफिकेशन डिस्ट्रिक्ट इलेक्टोरल ऑफ़िसर्स (DEOs) द्वारा किया जा रहा है।
संशोधित SIR शेड्यूल के तहत, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख 7 अक्टूबर, 2026 है। नोटिस का चरण और दावों व आपत्तियों का निपटारा 5 नवंबर तक जारी रहेगा, और वोटर लिस्ट का फ़ाइनल पब्लिकेशन 9 नवंबर को तय है।
जिन वोटरों को नोटिस मिले हैं, उनसे जवाब देने, ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने और जांच के लिए EROs या AEROs के सामने पेश होने को कहा गया है। जो लोग यह प्रोसेस पूरा नहीं कर पाएंगे, उनके नाम फ़ाइनल लिस्ट में शामिल करने पर विचार नहीं किया जाएगा।
तेलंगाना में 73 लाख से ज़्यादा वोटरों को ASDS (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) के तौर पर चिह्नित किया गया था, जबकि 92 लाख से ज़्यादा वोटरों को गड़बड़ियों के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
चुनाव आयोग ने घर-घर जाकर गिनती करने के बाद 17 अगस्त को वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट पब्लिश किया था। कुल 3,38,26,448 वोटरों में से 73,39,235 की पहचान ASDS के तौर पर की गई।
इनमें 57.46 लाख ऐसे लोग शामिल थे जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए थे या अनुपस्थित पाए गए। चुनाव अधिकारियों ने 9.22 लाख मृत लोगों की भी पहचान की, जबकि 6.70 लाख वोटर एक से ज़्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड पाए गए।
लगभग 60 लाख वोटरों को उनके या उनके परिवार के सदस्यों के नामों में गड़बड़ी, या उम्र वगैरह में विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, 32 लाख वोटरों की पहचान 'अनमैप्ड' (unmapped) के तौर पर की गई, यानी ऐसे लोग जिन्हें 2002 की वोटर लिस्ट से नहीं जोड़ा जा सका।
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