
Tekulapalli टेकुलपल्ली, 25 अप्रैल: टेकुलपल्ली मंडल केंद्र में श्री मदविरत पोटुलुरी वीरब्राह्मेन्द्र स्वामी की पूजा के अवसर पर ग्राम सरपंच बोडा बालू नायक ने मंदिर के विकास के लिए 25,000 रुपये का योगदान दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे आने वाले पांच वर्षों तक मंदिर के विकास के लिए लगातार सहयोग करेंगे।
सरपंच ने अपने भाषण में यह भी कहा कि मंदिर के विकास और रखरखाव में ग्रामवासी और भक्तों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनके योगदान का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह प्रेरणा भी देना है कि सभी लोग मिलकर धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास में भाग लें।
उन्होंने यह उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मंदिर के आसपास और सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, जिससे भक्तों और पर्यटकों के लिए यहाँ का अनुभव और भी बेहतर होगा। सरपंच ने कहा कि मंदिर के विकास के लिए सभी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी।
मंदिर समिति के सदस्यों ने सरपंच बोडा बालू नायक के इस योगदान के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। समिति ने कहा कि सरपंच का यह योगदान न केवल मंदिर की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि यह अन्य ग्रामीणों और भक्तों के लिए भी प्रेरणास्पद साबित होगा।
इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा और हवन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। भक्तों ने मंदिर में पहुँचकर अपनी श्रद्धा अर्पित की और इस धार्मिक अवसर को और भी विशेष बनाया। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के योगदान से मंदिर के रखरखाव, विकास और धार्मिक आयोजनों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था आसान होती है।
सरपंच ने कहा कि मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। इसलिए इसकी सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने गाँववासियों से अपील की कि वे मंदिर के विकास में सक्रिय सहयोग दें और आने वाले समय में भी ऐसे योगदान जारी रखें।
समिति के सदस्यों ने कहा कि यह योगदान मंदिर के विकास के लिए एक नई दिशा देगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरपंच का यह सहयोग आने वाले वर्षों में मंदिर के परिसर में नई सुविधाएँ और विकास कार्य करवाने में मदद करेगा। इसके साथ ही मंदिर के आसपास सफाई, सुरक्षा और पर्यावरणीय सुधार के लिए भी योजनाएँ बनाई जाएँगी।
इस प्रकार, सरपंच बोडा बालू नायक का योगदान न केवल मंदिर के विकास में मददगार साबित होगा, बल्कि यह स्थानीय समुदाय और भक्तों के बीच धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव को भी बढ़ाएगा। इस पहल से यह संदेश मिलता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में समुदाय की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है।





