
KOTHAGUDEM कोठागुडेम: जिले के पिनापका मंडल के वेंकट्राओपेट गांव में मंगलवार को एक साल के बच्चे, सौंदर्यपू एशनविक, पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। बच्चे के माता-पिता, संतोष और वेनेला ने बताया कि उनका बेटा घर की बरामदे में खेल रहा था, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता उस पर हमला कर दिया। इस दौरान बच्चे के गाल और शरीर पर खून आने वाली गंभीर चोटें आईं। स्थानीय ग्रामीणों और परिवार ने तुरंत बच्चे को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे की जांच और इलाज के लिए बड़े अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
घटना ने गांव में भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ गया है। कई लोगों ने स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया है कि आवारा कुत्तों के नियंत्रण और टीकाकरण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद आश्वासन दिया है कि आवारा कुत्तों की निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसे संक्रमण से बचाने के लिए सभी आवश्यक इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही, माता-पिता को पशु-भय और चोटों के इलाज के संबंध में जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों पर आवारा जानवरों के हमले गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए माता-पिता को बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। साथ ही, आवारा जानवरों के खिलाफ सुरक्षा उपाय, जैसे कीचड़युक्त क्षेत्रों में बच्चों का प्रवेश न देना और स्थानीय प्रशासन से मदद लेना आवश्यक है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और आवारा कुत्ते की पहचान तथा आवश्यक निगरानी के लिए टीम गठित की है। स्वास्थ्य केंद्र और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर गांव में जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना बनाई है। यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि ग्रामीण इलाकों में आवारा जानवरों के कारण होने वाले हादसों से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन और समुदाय को मिलकर सक्रिय प्रयास करने होंगे।





