तेलंगाना

दो महिलाओं की हत्या से सनसनी, 42 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Ratna Netam
6 Nov 2026 2:43 PM IST
दो महिलाओं की हत्या से सनसनी, 42 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मीरपेट इलाके में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने 42 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान शेख मोहम्मद सिद्दीकी के रूप में हुई है। उस पर पारिवारिक विवाद के चलते अपनी सास और एक अन्य महिला रिश्तेदार की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप है। चार नवंबर को हुई इस वारदात में परिवार का एक अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। वारदात से पहले पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाने की खबर सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी सिद्दीकी और उसकी पत्नी नूर बेगम के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के साथ आरोपी के संबंध लगातार बिगड़ते जा रहे थे। इसी बीच मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपनी ससुराल पहुंचकर परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
घटना बुधवार, चार नवंबर की शाम करीब चार से पांच बजे के बीच मीरपेट इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी ससुराल पहुंचा था, जहां परिवार के सदस्यों के साथ उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने अपने पास मौजूद चाकू से हमला कर दिया। हमले में उसकी सास निरंजन बी और रिश्तेदार रेशमा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।मृतकों की पहचान निरंजन बी और रेशमा के रूप में हुई है। रेशमा आरोपी के साले यूसुफ की पत्नी थीं। इस दौरान यूसुफ ने परिवार के सदस्यों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी हमले में घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी घटनास्थल के पास एकत्र हो गए।वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी और जांच दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। मृतक महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को हत्या की प्रमुख वजह माना गया है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की मंशा का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पीड़ित परिवार ने वारदात से पहले ही पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने मीरपेट पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी से अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि पारिवारिक विवाद के कारण आरोपी उनके साथ हिंसक घटना को अंजाम दे सकता है।बताया जा रहा है कि परिवार की ओर से शिकायत देने के बावजूद ऐसी कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे वारदात को रोका जा सकता। हालांकि, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने वास्तव में क्या कदम उठाए थे, इसकी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और संभावित खतरे की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया था। अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश की जा रही थी। हैदराबाद पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया जवाब में मीरपेट थाने में मामला दर्ज होने और आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, गिरफ्तारी की सटीक जगह और समय के संबंध में विस्तृत आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं हो सका है।
इस मामले में शमशाबाद के पुलिस उपायुक्त बी. राजेश ने शुरुआती जानकारी देते हुए बताया था कि पारिवारिक समस्याओं के चलते आरोपी ने परिवार के तीन सदस्यों पर हमला किया। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ। पुलिस अब घटना से पहले हुए विवाद, शिकायतों और हमले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी की पत्नी ने पारिवारिक विवाद के संबंध में पहले शिकायत की थी। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। पुलिस को अब यह पता लगाना है कि क्या आरोपी ने हमले की पहले से योजना बनाई थी या विवाद के दौरान उसने हिंसक कदम उठाया।इस घटना ने घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को भी उजागर किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने कहा है कि जब कोई व्यक्ति अपनी जान को खतरा बताकर पुलिस से संपर्क करता है, तो ऐसी शिकायत की तत्काल जांच और खतरे का आकलन आवश्यक है।विशेषज्ञों के अनुसार, पारिवारिक विवादों में लगातार धमकियां मिलने, हिंसक व्यवहार या हथियारों के इस्तेमाल की आशंका जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। ऐसी परिस्थितियों में समय रहते हस्तक्षेप करने से संभावित हिंसा रोकने में मदद मिल सकती है।मीरपेट दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया भी जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गई है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की विस्तृत जांच से ही स्पष्ट होगा कि वारदात के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और पहले मिली शिकायत पर किस स्तर पर कदम उठाए गए थे।
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