तेलंगाना

फोन खरीद घोटाले के आरोपों में घिरीं सीतक्का, BRS का तीखा वार

Ratna Netam
13 April 2026 7:24 PM IST
फोन खरीद घोटाले के आरोपों में घिरीं सीतक्का, BRS का तीखा वार
x
Hyderabad.हैदराबाद: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल फोन खरीद से जुड़े कथित विवाद को लेकर तेलंगाना की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने आदिवासी कल्याण मंत्री सीतक्का पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि इस खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच होनी चाहिए।
बीआरएस नेताओं ने दावा किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदे गए मोबाइल फोन की गुणवत्ता और कीमत दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में उपकरण खरीदने के बावजूद न तो पारदर्शिता दिखाई गई और न ही उचित टेंडर प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की गई। बीआरएस ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही या जानबूझकर की गई अनियमितता की ओर इशारा करता है।
वहीं दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभी तक इस विवाद पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह खरीद प्रक्रिया आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने और फील्ड लेवल मॉनिटरिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। सरकार का तर्क है कि तकनीक के उपयोग से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
बीआरएस ने इस मुद्दे को विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर उठाने की चेतावनी दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर जल्द ही इस खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। विपक्ष का यह भी आरोप है कि राज्य सरकार जनकल्याण योजनाओं को लागू करने के नाम पर बिना उचित निगरानी के बड़े वित्तीय निर्णय ले रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि आंगनवाड़ी सेवाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लाखों लाभार्थियों से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता के आरोप सरकार की छवि पर असर डाल सकते हैं।
इस पूरे मामले ने राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है। जहां बीआरएस इसे भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी का मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार इसे विकास और डिजिटल सुधार की दिशा में उठाया गया कदम मान रही है।
फिलहाल, जनता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दोनों ही इस विवाद पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, जिससे राज्य की सियासत में और गर्मी आ सकती है।
Next Story