
Telangana तेलंगाना: तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने रविवार को सालार जंग म्यूज़ियम को हैदराबाद की सांस्कृतिक आत्मा और धार्मिक सद्भाव तथा धर्मनिरपेक्षता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय शहर की ऐतिहासिक विरासत और विविधता को एक साथ जोड़ने का काम करता है।
Salaar Jung Museum में आयोजित 75वीं वर्षगांठ और सालार जंग III मीर यूसुफ अली खान की 137वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर राज्य के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, मंत्री पोन्नम प्रभाकर, एआईएमआईएम विधायक मीर ज़ुल्फ़िकार अली सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधन दिया और संग्रहालय के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।
डिप्टी सीएम ने अपने संबोधन में Salar Jung III की भूमिका की सराहना की और उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि सालार जंग III ने दुनिया भर से दुर्लभ कलाकृतियों और एंटीक वस्तुओं का संग्रह कर एक अनमोल धरोहर तैयार की, जिसे आज पूरी दुनिया सम्मान की दृष्टि से देखती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सालार जंग म्यूज़ियम केवल एक संग्रहालय नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और ऐतिहासिक समृद्धि का प्रतीक है। यह संस्थान न केवल इतिहास को संरक्षित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सीखने और समझने का अवसर देता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इस संग्रहालय ने हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह शहर की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा है।
समारोह में मौजूद लोगों ने संग्रहालय के विकास और इसके संरक्षण के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही इसे पर्यटन और शिक्षा के केंद्र के रूप में और विकसित करने की बात कही गई।
कुल मिलाकर, 75वीं वर्षगांठ का यह आयोजन न केवल एक ऐतिहासिक अवसर रहा, बल्कि इसने सालार जंग म्यूज़ियम के सांस्कृतिक महत्व को एक बार फिर उजागर किया।





