तेलंगाना

रम्मीकल्चर मनी-लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने 442.35 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

Tulsi Rao
28 Sept 2026 1:22 PM IST
रम्मीकल्चर मनी-लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने 442.35 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की
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हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रमीकल्चर मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 442.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त किया है। इसके साथ ही, जांच के दौरान ज़ब्त, फ्रीज़ और अटैच की गई कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 2,843 करोड़ रुपये हो गया है।

25 सितंबर का यह ताज़ा अटैचमेंट ऑर्डर ED के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने PMLA एक्ट के तहत जारी किया है। इसमें गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों से जुड़े परिवार के सदस्यों, प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट और कंपनियों की फिक्स्ड डिपॉजिट, कमर्शियल दुकानें, एक विला और रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं।

ED ने कहा कि उसकी जांच धोखाधड़ी के मामलों में तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR पर आधारित थी। एजेंसी का आरोप है कि गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज और रमीटाइम टेक्नोलॉजीज ने रमीकल्चर, रमीप्राइम, प्लेशिप और रमीटाइम जैसे ब्रांडों के तहत ऑनलाइन रियल-मनी रमी प्लेटफॉर्म चलाए। एजेंसी के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स के पूरे भारत में लगभग 3 करोड़ यूज़र्स थे, जिनमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, जहां इस तरह के गेमिंग पर प्रतिबंध था।

‘ग्राहकों को धोखा देने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल’

ED के अनुसार, कंपनियां यूज़र्स द्वारा दांव पर लगाई गई रकम पर 10% से 15% कमीशन लेती थीं। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि यूज़र्स की जानकारी के बिना उनके खिलाफ बॉट्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही, लगातार खेलने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते प्रमोशनल ऑफर, बोनस, रेफरल इंसेंटिव और पैसे निकालने पर पाबंदियों का इस्तेमाल किया गया।

ED ने कहा कि जांच में प्रमोशनल और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए गए लगभग 1,035 करोड़ रुपये की भी पड़ताल की गई। जिन यूज़र्स ने नुकसान के बाद खेलना बंद कर दिया था, उन्हें कथित तौर पर कैश क्रेडिट, प्रमोशनल ऑफर, पुश नोटिफिकेशन, SMS कैंपेन और टेलीमार्केटिंग कॉल के ज़रिए फिर से जोड़ने की कोशिश की गई।

एजेंसी का आरोप है कि इसके बाद कमाई गई रकम को डिविडेंड पेमेंट और शेयर बाय-बैक के ज़रिए घुमाया गया और म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, कन्वर्टिबल नोट, इक्विटी शेयर और महंगी चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।

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