तेलंगाना
नर्सिंग कॉलेज में दो दिन तक हंगामा NSUI कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप
Ratna Netam
15 Oct 2026 6:01 PM IST

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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मंसूराबाद स्थित केयर नर्सिंग कॉलेज में छात्रों को खराब गुणवत्ता का भोजन दिए जाने के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं और कॉलेज प्रबंधन के बीच कथित झड़प का मामला सामने आया है। कॉलेज की प्रिंसिपल ने कार्यकर्ताओं पर परिसर में घुसकर महिला कर्मचारियों और छात्राओं से मारपीट करने तथा कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।कॉलेज प्रशासन के अनुसार, यह विवाद 13 अक्टूबर को शुरू हुआ और अगले दिन 14 अक्टूबर को परिसर में कथित तोड़फोड़ की घटना सामने आई।
खराब भोजन की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत कॉलेज में छात्रों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों से हुई। आरोप लगाया गया कि विद्यार्थियों को खराब खाना उपलब्ध कराया जा रहा था।इसी मुद्दे को लेकर NSUI से जुड़े कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे। इसके बाद कार्यकर्ताओं और कॉलेज प्रबंधन के बीच विवाद होने की बात सामने आई।हालांकि, भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग या अन्य संबंधित अधिकारियों ने कोई जांच की है या नहीं।
प्रिंसिपल ने लगाया महिला स्टाफ से मारपीट का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, केयर नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डी. सुनीता (46) ने 14 अक्टूबर को घटना की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अक्टूबर को NSUI कार्यकर्ताओं का एक समूह कॉलेज परिसर में जबरन प्रवेश कर गया।शिकायत के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की महिला कर्मचारियों और छात्राओं के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इससे परिसर में भय और तनाव का माहौल बन गया।कॉलेज प्रबंधन का आरोप है कि इस घटना के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई।हालांकि, मारपीट के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अगले दिन फिर कॉलेज पहुंचने का आरोप
प्रिंसिपल की शिकायत में कहा गया है कि 14 अक्टूबर की सुबह लगभग 10:30 बजे वही लोग कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ दोबारा कॉलेज परिसर में पहुंचे।आरोप है कि इस दौरान समूह ने कॉलेज के विभिन्न हिस्सों में हंगामा किया और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया।शिकायत में कहा गया कि कॉलेज की कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और प्रशासनिक कार्यालय को निशाना बनाया गया।प्रबंधन का आरोप है कि परिसर में रखे फर्नीचर और अन्य सामानों में तोड़फोड़ की गई। इससे शिक्षण संस्थान के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी में तोड़फोड़ का आरोप
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, 14 अक्टूबर की कथित घटना के दौरान कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी में रखे सामान को नुकसान पहुंचाया गया।नर्सिंग कॉलेज में कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में इन स्थानों पर किसी भी तरह की तोड़फोड़ से अध्ययन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।हालांकि, कॉलेज परिसर में हुए नुकसान का कुल मूल्य और क्षतिग्रस्त सामानों की विस्तृत सूची अभी स्पष्ट नहीं है।पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कथित तोड़फोड़ में किन लोगों की भूमिका थी और घटना के दौरान वास्तव में कितना नुकसान हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
प्रिंसिपल डी. सुनीता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटना की परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।कॉलेज परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।फिलहाल आरोपों से संबंधित विस्तृत पुलिस निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।
छात्रों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
इस घटना ने कॉलेजों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और परिसर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।एक ओर छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, वहीं दूसरी ओर किसी शिक्षण संस्थान में हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी गंभीर हैं।फिलहाल कॉलेज प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई जारी है। NSUI के संबंधित कार्यकर्ताओं का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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