तेलंगाना

आरटीसी चालक ने आत्महत्या का प्रयास किया, अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप

SHIDDHANT
26 Aug 2025 10:58 PM IST
आरटीसी चालक ने आत्महत्या का प्रयास किया, अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप
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TELANGANA तेलंगान: खम्मम जिले में मंगलवार को राज्य सड़क परिवहन निगम (RTC) के एक चालक ने आत्महत्या का प्रयास किया। मामला मणुगुरु डिपो से जुड़ा है, जहां के चालक सईदुलु ने कथित तौर पर अधिकारियों द्वारा की जा रही अनदेखी और उत्पीड़न से परेशान होकर यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, सईदुलु को तिरुपति से श्रीशैलम तक लंबी दूरी की बस सेवा के लिए नियुक्त किया गया था। इस बस में टिकट जारी करने वाली मशीनें (TIMS) तो थीं, लेकिन कोई कंडक्टर तैनात नहीं किया गया था। स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के कारण सईदुलु ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि इस सेवा पर उन्हें अकेले काम न करना पड़े और उनके साथ एक कंडक्टर की नियुक्ति की जाए। सईदुलु ने ड्यूटी सुपरवाइजर और मणुगुरु डिपो प्रबंधक को बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती और वह दो बार हृदय शल्य चिकित्सा करवा चुके हैं। इस स्थिति में उनके लिए लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अकेले टिकट जारी करना और वाहन चलाना संभव नहीं है। उन्होंने प्रबंधक से कंडक्टर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।

डिपो प्रबंधक ने इस मामले को क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) के पास भेज दिया और कहा कि अंतिम मंजूरी वहीं से मिल सकती है। मंगलवार को सईदुलु ने खम्मम आरएम से मुलाकात की और अपनी बीमारी तथा कार्य परिस्थितियों को विस्तार से बताया। लेकिन आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक ने उनकी मांग ठुकरा दी और कंडक्टर नियुक्त करने से इनकार कर दिया। इससे मानसिक रूप से टूटे सईदुलु ने आरएम कार्यालय में ही कीटनाशक पी लिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत हालात को संभाला और उन्हें सरकारी सामान्य अस्पताल (Government General Hospital) में भर्ती कराया। चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं। घटना के बाद आरटीसी कर्मचारी यूनियनों ने अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की। आरटीसी कर्मचारी संघ (RTC Employees Union) के राज्य सचिव गुडूर सत्यनारायण, खम्मम क्षेत्र अध्यक्ष बी. श्रीनिवास रेड्डी और महासचिव पिल्लि रमेश ने संयुक्त बयान जारी करते हुए अधिकारियों की कथित लापरवाही की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों का उत्पीड़न इसी तरह जारी रहा तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे चालक की समस्याओं को नजरअंदाज करना अमानवीय और गैरजिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने मांग की कि सईदुलु को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।यह घटना एक बार फिर तेलंगाना आरटीसी कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर सवाल खड़े करती है। कर्मचारियों का आरोप है कि निगम प्रबंधन अक्सर स्टाफ की स्वास्थ्य और मानवीय समस्याओं को नज़रअंदाज करता है। लंबी दूरी की सेवाओं में बिना कंडक्टर के ड्राइवरों को जिम्मेदारी देना सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से गंभीर खतरा है। आरटीसी कर्मचारी यूनियन ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने और कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की है। यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो न केवल आंदोलन तेज किया जाएगा बल्कि परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल सईदुलु का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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