
हैदराबाद: अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार को फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग घोटाले के मुख्य आरोपी संदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इस घोटाले में करीब 4,065 पीड़ितों से कथित तौर पर 792 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी।
इससे पहले, इस मामले में सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालन प्रमुख और ए-2 अमरदीप (फर्म के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक) के छोटे भाई संदीप कुमार को उनके साथी रवि कुमार के साथ 3 जून को हैदराबाद में गिरफ्तार किया गया था।
सीआईडी महानिदेशक शिखा गोयल ने कहा कि इस मामले में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं।
आरोपियों ने फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग एप्लीकेशन (www.falconsgrup.com) विकसित किया था, प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी सौदे किए थे और 7,056 जमाकर्ताओं को अल्पावधि योजनाओं पर उच्च रिटर्न का वादा करके 4,215 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए लुभाया था।
शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इनमें से लगभग 4,065 निवेशकों को 792 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।
पुलिस ने बताया कि कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में आठ और मामले दर्ज किए गए हैं।
मामला दर्ज होने के बाद संदीप कुमार दुबई भाग गया था। जांच में पता चला कि वह अवैध रूप से नेपाल सीमा के जरिए भारत में फिर से घुस आया और अपने और अपने भाई के परिवारों को पटना के दानापुर में स्थानांतरित कर दिया। जब सीआईडी की टीम बिहार पहुंची, तो वह भागने में सफल रहा, लेकिन उसके पिता और पत्नी को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद वह ओडिशा भाग गया, गोवा चला गया और बाद में हैदराबाद लौट आया। उसे उसके चचेरे भाई और साथी रवि कुमार ने शरण दी थी। विश्वसनीय जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से तीन कारें और कई संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए।





