
Telangana तेलंगाना: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), सिकंदराबाद डिवीजन ने यात्रियों के खोए हुए सामान को वापस दिलाने के अभियान ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। इस साल के पहले छह महीनों में RPF ने 2.24 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का खोया हुआ सामान उसके असली मालिकों को वापस किया है।
जनवरी से जून 2026 के बीच चलाए गए इस अभियान के दौरान RPF ने कुल 658 मामलों का समाधान किया। इन मामलों में यात्रियों के छूटे हुए बैग, मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे, जिन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर यात्रियों को सौंप दिया गया।
RPF अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान लगातार यात्रियों की सहायता और रेलवे परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर छूटे या खोए हुए सामान की पहचान कर उसे वापस लौटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 से अब तक सिकंदराबाद डिवीजन ने कुल 2,747 मामलों का निपटारा किया है और 7.28 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की है। इसमें यात्रियों की व्यक्तिगत वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, नकदी और अन्य कीमती सामान शामिल हैं।
साल 2025 में भी RPF ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए 1,111 मामलों में 2.53 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति वापस की थी, जबकि 2024 में 978 मामलों में लगभग 2.50 करोड़ रुपये का सामान सुरक्षित रूप से लौटाया गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से यात्रियों का रेलवे सुरक्षा बल पर भरोसा और मजबूत हुआ है। कई मामलों में यात्रियों द्वारा भूले हुए सामान को समय पर ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित वापस किया गया, जिससे संभावित नुकसान से बचाव हो सका।
RPF का कहना है कि भविष्य में भी ‘ऑपरेशन अमानत’ को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि रेलवे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और सहायता मिल सके।





