तेलंगाना

कमरे में बंद रोहिंग्या महिला से दुष्कर्म

Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 12:40 PM IST
कमरे में बंद रोहिंग्या महिला से दुष्कर्म
x
हैदराबाद : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय रोहिंग्या शरणार्थी युवती को कथित तौर पर कई महीनों तक किराये के मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। पीड़िता मूल रूप से म्यांमार की रहने वाली है और बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रह रही थी। आरोप है कि एक व्यक्ति शादी का झांसा देकर उसे हैदराबाद लाया और बाद में अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उसका शोषण किया। करीब पांच महीने तक चले इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब मकान मालिक बकाया किराया लेने पहुंचा और घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला। ताला तोड़ने पर अंदर युवती मिली। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
शादी का वादा कर बांग्लादेश से हैदराबाद लाया आरोपी
पुलिस के अनुसार, पीड़िता म्यांमार की रहने वाली है और कुछ समय से बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रह रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद फैयाज नामक व्यक्ति से हुई। दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और फैयाज ने उससे शादी करने का वादा किया।पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, मई 2026 में फैयाज उसे परिवार को जानकारी दिए बिना भारत लेकर आया। हैदराबाद पहुंचने के करीब तीन से चार दिन बाद दोनों ने निकाह कर लिया।इसके बाद वे हैदराबाद के हफीज बाबा नगर इलाके में किराये के एक मकान में रहने लगे। शुरुआती दिनों में युवती को उम्मीद थी कि वह अपने पति के साथ सामान्य वैवाहिक जीवन बिताएगी।हालांकि, कुछ समय बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फैयाज पहले से शादीशुदा था और उसने कथित तौर पर यह बात युवती से छिपाई थी। पुलिस इस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
कमरे में बंद कर तीन दोस्तों से कराया दुष्कर्म
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शादी के लगभग एक महीने बाद फैयाज अपने तीन परिचितों को भी घर लेकर आया। इनकी पहचान अहमद मुजीब, नूर कमाल और जिया-उर-रहमान उर्फ इब्राहिम के रूप में हुई है।
आरोप है कि फैयाज घर से बाहर जाते समय कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और चाबी अपने साथ ले जाता था। इस दौरान उसके तीनों साथी अलग-अलग मौकों पर कमरे में आते और युवती के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करते थे।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने या किसी को घटना की जानकारी देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी।इस कारण वह काफी डर गई थी और किसी से मदद नहीं मांग पा रही थी। उसे यह भी समझ नहीं आ रहा था कि वह अपनी परेशानी किसे बताए और कहां शिकायत दर्ज कराए।
कुछ रिपोर्ट्स में युवती को लगभग पांच महीने तक बंधक बनाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस संबंधी अन्य रिपोर्ट्स में कथित यौन शोषण की अवधि करीब तीन से चार महीने बताई गई है। इसकी सटीक समयावधि जांच से स्पष्ट होगी।
किराया मांगने पहुंचे मकान मालिक ने तोड़ा ताला
इस मामले का खुलासा 23 अक्टूबर 2026 की रात को हुआ। जानकारी के अनुसार, मकान मालिक काफी समय से बकाया किराये को लेकर परेशान था।वह किराया मांगने के लिए मकान पहुंचा, लेकिन वहां दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। काफी प्रयास के बावजूद किरायेदार से संपर्क नहीं हो सका।आखिरकार मकान मालिक ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घर के भीतर 18 वर्षीय युवती अकेली मिली। इसके बाद उसे कमरे से बाहर निकलने का मौका मिला।मकान मालिक के पहुंचने से युवती की लंबे समय से चली आ रही कथित कैद समाप्त हुई।
बाहर आने के बाद पीड़िता ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन की मदद से अपने परिवार से संपर्क किया। इसके बाद वह हैदराबाद के बालापुर इलाके में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर पहुंची।रिश्तेदारों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे पुलिस के पास ले जाने का निर्णय लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फैयाज फरार
26 अक्टूबर को पीड़िता अपने रिश्तेदार के साथ कंचनबाग पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर चार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m), 127(4) और 351 के तहत कथित दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोप दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों अहमद मुजीब, नूर कमाल और जिया-उर-रहमान उर्फ इब्राहिम को गिरफ्तार कर लिया।वहीं, मुख्य आरोपी मोहम्मद फैयाज फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।पुलिस के अनुसार, आरोपी म्यांमार के नागरिक हैं और हैदराबाद में रह रहे थे। जांच एजेंसियां आरोपियों की गतिविधियों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही हैं।अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, पुलिस जुटा रही सबूत
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती का बयान हैदराबाद के भरोसा केंद्र में अनुवादकों की सहायता से दर्ज किया गया। उसे आवश्यक चिकित्सकीय सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस घटना से संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों
का प्रयास है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए और पीड़िता को कानूनी प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सहायता मिल सके।यह घटना शरणार्थी महिलाओं की सुरक्षा और उनके शोषण से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करती है। दूसरे देश से आने वाले और स्थानीय सहायता तंत्र से अपरिचित लोगों के लिए मदद मांगना कई बार मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल पुलिस फरार मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।इस पूरे मामले में आरोपों की अंतिम सत्यता अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर निर्धारित होगी। वहीं, पीड़िता की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और पुनर्वास भी महत्वपूर्ण हैं।
Next Story