तेलंगाना

Revanth Reddy ने केंद्रीकृत छात्र सप्लाई प्रणाली का बचाव किया

Harrison
30 April 2026 9:57 PM IST
Revanth Reddy  ने केंद्रीकृत छात्र सप्लाई प्रणाली का बचाव किया
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Hyderabad हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में छात्रों के लिए आवश्यक सामग्री की सेंट्रलाइज़्ड खरीद प्रणाली का बचाव करते हुए इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि केंद्रीकृत खरीद प्रणाली से न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि वितरण प्रक्रिया में भी एकरूपता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने इस प्रणाली को शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी छात्र सामग्री का वितरण 15 जून तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि समय सीमा का पालन करना जरूरी है ताकि छात्रों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक मंडल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे सामग्री वितरण की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर छात्र को समय पर और समान रूप से शैक्षिक सामग्री उपलब्ध हो। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाना आवश्यक है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि केंद्रीकृत खरीद प्रणाली से गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार होगा और विभिन्न स्तरों पर होने वाली अनियमितताओं को रोका जा सकेगा। इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रणाली छात्रों के लिए किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद और वितरण को एकीकृत तरीके से संचालित करेगी। इससे अलग-अलग स्तरों पर होने वाली देरी और असमानता को कम किया जा सकेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की केंद्रीकृत व्यवस्था से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
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