तेलंगाना

रेवंत रेड्डी का KCR पर हमला, बहस की चुनौती

Kavita2
8 July 2026 11:22 AM IST
रेवंत रेड्डी का KCR पर हमला, बहस की चुनौती
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हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और पार्टी के शीर्ष नेताओं पर कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं और राज्य को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सिंचाई परियोजनाओं को लेकर आयोजित एक प्रस्तुति के दौरान सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कालेश्वरम परियोजना में हुई गड़बड़ियों के लिए तत्कालीन सरकार के शीर्ष नेता जिम्मेदार हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री KCR, उनके बेटे और पूर्व मंत्री के.टी. रामा राव (KTR) तथा वरिष्ठ BRS नेता टी. हरीश राव पर निशाना साधा।

कालेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस का हमला

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट तेलंगाना के लिए एक महत्वपूर्ण योजना थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन में गंभीर खामियां रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पर बड़ा बोझ पड़ा है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार जनता के सामने परियोजना से जुड़े सभी तथ्यों को रखने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के फैसलों के कारण राज्य को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

KCR, KTR और हरीश राव पर लगाए गंभीर आरोप

रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण के दौरान BRS नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि कालेश्वरम परियोजना में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री और उनके करीबी नेताओं की है।

उन्होंने कहा, “यह तबाही है। अंग्रेजी में इसे फाइनेंशियल टेररिस्ट कहते हैं। आतंकवाद के अलग-अलग रूप होते हैं। KCR, KTR और टी. हरीश राव ने तेलंगाना की आर्थिक नींव को नुकसान पहुंचाया।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने परियोजना के नाम पर राज्य पर भारी वित्तीय बोझ डाला और जनता के हितों को नजरअंदाज किया।

KCR को सार्वजनिक बहस की चुनौती

रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री KCR को कालेश्वरम परियोजना पर खुली बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर KCR तैयार हैं तो सरकार विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए विधानसभा और विधान परिषद का विशेष संयुक्त सत्र बुलाया जा सकता है। उन्होंने KCR से विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर बहस की तारीख तय करने की अपील की।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर चर्चा करेगी और जनता के सामने पूरी जानकारी रखेगी।

कांग्रेस सरकार लगातार उठा रही है मुद्दा

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट को लेकर BRS सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परियोजना में तकनीकी और वित्तीय स्तर पर कई खामियां थीं।

कांग्रेस सरकार का कहना है कि वह राज्य की जनता के सामने पिछली सरकार के फैसलों का हिसाब रखेगी और किसी भी अनियमितता की जांच कराएगी।

BRS पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का यह हमला BRS पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस लगातार पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों को उठाकर विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रही है।

कालेश्वरम परियोजना तेलंगाना की सबसे बड़ी सिंचाई योजनाओं में शामिल रही है। ऐसे में इस परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद लंबे समय से जारी है।

BRS की ओर से जवाब का इंतजार

रेवंत रेड्डी के आरोपों पर अभी BRS की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, पार्टी पहले भी कालेश्वरम परियोजना को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताती रही है।

BRS नेताओं का कहना रहा है कि इस परियोजना से राज्य के किसानों को फायदा पहुंचा और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ।

विधानसभा में गरमा सकता है मुद्दा

मुख्यमंत्री की चुनौती के बाद कालेश्वरम परियोजना का मुद्दा आने वाले दिनों में विधानसभा में भी गर्मा सकता है। कांग्रेस सरकार जहां परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विपक्ष को घेरना चाहती है, वहीं BRS अपने कार्यकाल के फैसलों का बचाव कर सकती है।

फिलहाल मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर खुली चर्चा के लिए तैयार है और वह जनता के सामने परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं को रखने का दावा कर रही है।

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