
हैदराबाद: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को बिज़नेस फेडरेशन, उद्यमियों और इंडस्ट्री लीडर्स से अपील की कि वे तेलंगाना को 2034 तक $1 ट्रिलियन और 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में राज्य सरकार का साथ दें।
'SAMAKHYA बिज़नेस समिट-2026' का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने बिज़नेस फेडरेशन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ये संगठन उभरते आर्थिक रुझानों को समझने, तकनीकी बदलावों के अनुसार ढलने और युवा पीढ़ी को उद्यमिता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने और तेलंगाना को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन (वैश्विक निवेश केंद्र) के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से 2025 में 'तेलंगाना राइजिंग 2047 विज़न डॉक्यूमेंट' जारी किया था। उन्होंने कहा कि अभी राज्य भारत की GDP में लगभग 5% का योगदान देता है और सरकार इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य रखती है।
सरकार की विकास रणनीति के बारे में बताते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना को तीन आर्थिक क्षेत्रों — CURE, PURE और RARE — के तहत विकसित किया जा रहा है।
व्यापार और वाणिज्य में हैदराबाद की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सदियों पहले चारमीनार व्यवसायों के लिए एक लैंडमार्क (प्रमुख केंद्र) हुआ करता था, जबकि हाई-टेक सिटी शहर की आर्थिक प्रगति के आधुनिक प्रतीक के रूप में उभरी है।
उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से आग्रह किया कि वे केवल कॉर्पोरेट कंपनियों को सेवाएँ देने तक सीमित न रहें, बल्कि वैश्विक महत्वाकांक्षाओं वाले व्यवसायों में निवेश करना शुरू करें। आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर देते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि जिन देशों ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, उन्होंने अधिक आर्थिक मज़बूती हासिल की है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने महिलाओं को 61,000 करोड़ रुपये के बैंक-लिंकेज लोन दिए हैं और उन्हें RTC बसों, पेट्रोल पंपों और सोलर पावर प्लांट का मालिक बनने में सक्षम बनाया है। सरकार उद्यमियों को ज़रूरी सहयोग देगी और निवेश तथा विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री ने 'तेलंगाना राइजिंग' के विज़न को साकार करने और राज्य को भारत की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।





