तेलंगाना
तेज बहाव में बह गए बचावकर्मी, रातभर की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकले
Ratna Netam
5 Nov 2026 2:31 PM IST

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हैदराबाद। तेलंगाना के खम्मम जिले में बेटुपल्ली झील में फंसे मछुआरों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों को बचाने के लिए चलाया गया अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। बुधवार रात शुरू हुए इस बचाव अभियान के दौरान दो नावों के पलटने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। हालांकि, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव दलों के संयुक्त प्रयासों से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी की जान नहीं गई है।तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को बचाव अभियान की सफलता की जानकारी देते हुए राहत एवं बचाव कार्य में शामिल जवानों, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि पूरी रात लगातार प्रयास करके मछुआरों और बचावकर्मियों की जान बचाई गई। खम्मम पुलिस ने भी पुष्टि की कि अभियान पूरा हो चुका है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मछली पकड़ने गए लोगों पर अचानक मंडराया खतरा
जानकारी के अनुसार, घटना खम्मम जिले के सत्तुपल्ली मंडल स्थित बेटुपल्ली झील की है। बुधवार शाम कुछ मछुआरे झील में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाने गए थे। इसी दौरान भारी बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पानी का बहाव तेज होने लगा।प्रारंभ में पांच मछुआरे झील के बीच फंस गए। उन्हें बचाने के लिए तीन अन्य मछुआरे भी पहुंचे, लेकिन तेज बहाव के कारण वे भी सुरक्षित वापस नहीं लौट सके। इस तरह कुल आठ लोग पानी में फंस गए।स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद बचाव दल को मौके पर भेजा गया। शुरुआत में कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन शेष मछुआरों को बचाने के लिए अतिरिक्त टीमों की आवश्यकता पड़ी।
बचाव अभियान के दौरान पलट गईं दो नावें
मछुआरों को बचाने के लिए SDRF और अग्निशमन विभाग के जवानों को दो नावों के साथ झील में भेजा गया। लेकिन तेज जलधारा और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान अचानक खतरनाक हो गया।पानी का बहाव इतना तेज था कि अभियान में इस्तेमाल की जा रही दोनों नावें पलट गईं। नावों में सवार जवान और उनके साथ मौजूद स्थानीय व्यक्ति भी पानी में बह गए।इस घटना के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई। जिन जवानों को मछुआरों की जान बचाने के लिए भेजा गया था, वे स्वयं संकट में फंस गए।प्रारंभिक रिपोर्टों में बचाव दल के सदस्यों के लापता होने की सूचना सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त संसाधन जुटाए और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
पूरी रात चला जिंदगी बचाने का अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही NDRF, अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमों को सक्रिय किया गया। आसपास के क्षेत्रों से भी बचावकर्मियों को बुलाया गया।अधिकारियों के अनुसार, तेज बहाव में बहे कुछ जवानों ने पेड़ों का सहारा लेकर खुद को सुरक्षित रखा। संपर्क स्थापित होने के बाद उनकी स्थिति का पता लगाया गया और बचाव दलों को संबंधित स्थानों पर भेजा गया।रातभर चले अभियान में पहले फंसे मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद जवानों की तलाश तेज की गई।गुरुवार सुबह तक सभी लापता बचावकर्मियों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए कुछ जवानों को स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के लिए सत्तुपल्ली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई गई।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिए थे विशेष निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी ली थी।मुख्यमंत्री ने खम्मम के जिला कलेक्टर को निर्देश दिया था कि फंसे हुए मछुआरों और बचावकर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।उन्होंने मुख्य सचिव को भी बचाव अभियान की लगातार निगरानी करने और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने जिला प्रशासन और NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करके बचाव अभियान में तेजी लाने को कहा था।खम्मम के जिला कलेक्टर दिवाकर टी.एस. सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अभियान की निगरानी करते रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी राहत कार्यों में सहयोग किया।
मंत्री श्रीनिवास रेड्डी ने की बचाव दल की सराहना
तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बचाव अभियान में शामिल सभी टीमों को बधाई दी।उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि लगातार चले राहत कार्यों के कारण फंसे हुए लोगों को बचाना संभव हो सका।मंत्री ने अभियान में समन्वय स्थापित करने वाले अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी प्रशंसा की।बचाव अभियान के शुरुआती चरण में एक जवान को किनारे तक लाना बाकी था। मंत्री ने अधिकारियों को उसे जल्द सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए थे। बाद में प्रशासन ने सभी लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि कर दी।
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बढ़ा जलस्तर
तेलंगाना के कई हिस्सों में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से बारिश हुई है। खम्मम जिले में भी लगातार बारिश के कारण जलाशयों और निचले क्षेत्रों में पानी बढ़ गया।बेटुपल्ली झील में पानी का तेज बहाव इसी स्थिति से जुड़ा बताया गया है।प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंधेरे, खराब मौसम और तेज जलधारा के बीच सुरक्षित तरीके से बचाव अभियान संचालित करना था।इस घटना ने भारी बारिश के दौरान जलाशयों में जाने के खतरों को भी उजागर किया है। विशेष रूप से मछली पकड़ने और अन्य गतिविधियों के लिए झीलों में जाने वाले लोगों को जलस्तर तथा मौसम की स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक है।
बड़ी दुर्घटना टली, प्रशासन ने ली राहत की सांस
करीब पूरी रात चले अभियान के बाद गुरुवार सुबह सभी लोगों के सुरक्षित बाहर आने से प्रशासन और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।शुरुआत में नावों के पलटने और जवानों के लापता होने की सूचना से बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई थी, लेकिन बचाव दलों के सामूहिक प्रयासों से स्थिति नियंत्रित कर ली गई।इस सफल अभियान ने आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का महत्व भी सामने रखा है। स्थानीय पुलिस, SDRF, NDRF और अग्निशमन विभाग के प्रयासों के कारण एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई।अधिकारियों की अंतिम पुष्टि के अनुसार, बेटुपल्ली झील में फंसे सभी मछुआरे और बचावकर्मी सुरक्षित हैं तथा किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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