तेलंगाना

ग्राहक को राहत: हैदराबाद कंपनी देगी ₹11 लाख की राशि वापस

nidhi
25 Jun 2026 10:43 AM IST
ग्राहक को राहत: हैदराबाद कंपनी देगी ₹11 लाख की राशि वापस
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असफल प्रोजेक्ट पर बड़ा फैसला
Hyderabad: तेलंगाना रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TGRERA) ने हैदराबाद की कंपनी 'जयत्री इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया' को एक महिला को 11 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया है, क्योंकि उनका प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हो पाया।
यह मामला सेरिलिंगमपल्ली मंडल के गोपनपल्ली में 'वेस्टर्न गैलेक्सी' नाम के कमर्शियल प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इसी प्रोजेक्ट को लेकर कई और शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। जांच के बाद, TGRERA ने पाया कि प्लॉट खाली था, वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा था और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे पता चले कि प्लॉट पर कंपनी का मालिकाना हक है।
शिकायतकर्ता कोलिमाला रूपा चंद्रिका ने अपनी शिकायत में बताया कि 4 जून 2021 को उन्होंने प्रस्तावित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर ऑफिस स्पेस के लिए 'जयत्री इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया' के साथ एक एग्रीमेंट किया था।
उन्होंने यूनिट के लिए कुल 11 लाख रुपये का भुगतान किया था, जिसमें फरवरी 2021 में UPI के जरिए 1 लाख रुपये, और जून 2021 में UPI के जरिए 3 लाख रुपये और नकद में 7 लाख रुपये शामिल थे। डेवलपर ने दिसंबर 2024 तक पज़ेशन (कब्ज़ा) देने का भरोसा दिलाया था और देरी होने पर मुआवज़ा देने का वादा भी किया था।
हालांकि, प्रोजेक्ट कभी शुरू ही नहीं हो पाया और चंद्रिका को कभी पज़ेशन नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने TGRERA को बताया कि कंपनी से संपर्क करने की कई कोशिशें नाकाम रहीं।
जब वह खुद ऑफिस गईं, तो चंद्रिका ने पाया कि ऑफिस बंद था, और डेवलपर द्वारा दिया गया फ़ोन नंबर भी बंद हो चुका था।
सुनवाई के दौरान, TGRERA ने गौर किया कि इसी बिल्डर के खिलाफ "वेस्टर्न गैलेक्सी" प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही 20 से ज़्यादा ऐसी शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
अथॉरिटी ने 'इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया' (ESCI) द्वारा की गई जांच का हवाला दिया, जिसमें पाया गया कि प्रोजेक्ट साइट पूरी तरह खाली थी और वहां निर्माण का कोई निशान नहीं था।
अथॉरिटी ने यह भी पाया कि डेवलपर के मालिकाना हक या प्रोजेक्ट को शुरू करने के कानूनी अधिकार को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं था।
अथॉरिटी ने पाया कि ज़मीन के एक हिस्से को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी मामला चल रहा था और यह प्रोजेक्ट कभी भी RERA के तहत रजिस्टर नहीं कराया गया था। TGRERA ने बताया कि उसने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन करने के लिए अगस्त 2024 में ही डेवलपर पर 36.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
चूंकि उसी प्रोजेक्ट से जुड़ी पिछली कार्यवाही में जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका था, इसलिए कोई नया जुर्माना नहीं लगाया गया।
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