तेलंगाना

राजनाथ सिंह बोले– युद्ध का स्वरूप बदला, IAF को नई तकनीक और रणनीति अपनाने की जरूरत

Kavita2
13 Jun 2026 4:19 PM IST
राजनाथ सिंह बोले– युद्ध का स्वरूप बदला, IAF को नई तकनीक और रणनीति अपनाने की जरूरत
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Telangana तेलंगाना: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज युद्ध के तरीकों में बड़े स्तर पर बदलाव आ चुका है और आधुनिक समय में सुरक्षा चुनौतियां पहले से अधिक जटिल हो गई हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) में हाल ही में शामिल हुए अधिकारियों से नई युद्ध प्रणालियों और रणनीतियों को समझने, उन्हें अपनाने और आवश्यकता पड़ने पर उनमें बदलाव करने की अपील की।

रक्षा मंत्री ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने वायुसेना के नए अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहले के समय में युद्ध मुख्य रूप से दो तत्वों पर आधारित होता था—सैनिक और पारंपरिक हथियार या उपकरण। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि आधुनिक युद्ध में दुश्मन अक्सर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देता, क्योंकि अब लड़ाई का स्वरूप तकनीक आधारित हो गया है। आज रडार, सैटेलाइट, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग युद्ध क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा चुनौतियां और अधिक जटिल हो गई हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बदलते परिदृश्य में वायुसेना के अधिकारियों को केवल पारंपरिक सैन्य कौशल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें तकनीकी ज्ञान और डिजिटल युद्ध प्रणालियों की भी गहरी समझ विकसित करनी होगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों में नवाचार और अनुकूलन क्षमता सबसे महत्वपूर्ण होगी। जो सेनाएं समय के साथ तकनीक को अपनाएंगी और उसमें सुधार करेंगी, वही भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर पाएंगी।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए स्वदेशी तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में युद्ध केवल जमीन, हवा और समुद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों में भी इसका विस्तार होगा।

कुल मिलाकर, राजनाथ सिंह के इस संदेश ने स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और रणनीतिक रूप से अधिक लचीला बनने की आवश्यकता है।

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