तेलंगाना
बैराज मंजूरी पर जोर: सीएम तेलंगाना ने केंद्र को लिखा पत्र
Tara Tandi
30 Sept 2026 2:00 PM IST

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हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से आग्रह किया कि वे महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत करके गोदावरी नदी पर प्रस्तावित तुम्मिदिहट्टी बैराज के निर्माण से जुड़े मुद्दों को सुलझाएं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को तुम्मिदिहट्टी बैराज के निर्माण का प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार को सौंपे जाने के बारे में जानकारी दी और पाटिल से बैराज के लिए ज़रूरी मंज़ूरी दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी के साथ मंगलवार शाम दिल्ली में सीआर पाटिल से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, उन्होंने केंद्रीय मंत्री को कृष्णा और गोदावरी बेसिन में तेलंगाना की परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया कि वे 152 मीटर के फुल रिज़र्वॉयर लेवल (FRL) पर तुम्मिदिहट्टी बैराज के निर्माण के लिए तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच समझौते की प्रक्रिया में तेज़ी लाएं।
मुख्यमंत्री ने पाटिल को बताया कि 152 मीटर के स्तर पर बैराज बनाने से गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) के ज़रिए येल्लमपल्ली परियोजना तक पानी की आपूर्ति हो सकेगी, जिससे बिजली की खपत और पानी की आपूर्ति से जुड़ी लागत, दोनों को कम करने में मदद मिलेगी।
बैठक में तेलंगाना की परियोजनाओं के लिए लंबित पर्यावरणीय मंज़ूरियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से पलमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना (PRLIS), डिंडी लिफ्ट सिंचाई योजना (DLIS), सीताराम सागर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SSMP) और गौरवल्ली जलाशयों के लिए पर्यावरणीय मंज़ूरी देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फ़ैसले के बाद पर्यावरणीय मंज़ूरी के लिए जारी नई गाइडलाइंस की ओर पाटिल का ध्यान आकर्षित किया और केंद्र से इन परियोजनाओं को तुरंत मंज़ूरी देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने मंत्री को बताया कि मंज़ूरी मिलने में देरी के कारण निर्माण लागत बढ़ रही है।
जल शक्ति मंत्री से सम्मक्का सागर परियोजना के लिए केंद्रीय जल आयोग (CWC) के पास लंबित मंज़ूरियों को जल्द से जल्द मंज़ूर करने का भी अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पहले ही CWC को सौंपी जा चुकी है और सिंचाई योजना तथा अंतर-राज्यीय पहलुओं के लिए मंज़ूरी मांगी गई है। साथ ही, उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) हासिल करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ बातचीत चल रही है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने टेलीमेट्री सिस्टम लगाने के रुके हुए काम पर चर्चा की, जिसे कृष्णा रिवर मैनेजमेंट बोर्ड (KRMB) कर रहा है, और इस काम में तेज़ी लाने का अनुरोध किया।
रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार ने इंस्टॉलेशन के पहले चरण के लिए ज़रूरी 4.15 करोड़ रुपये पहले ही जमा कर दिए हैं और उन्होंने पहले, दूसरे और तीसरे चरण में सिस्टम लगाने का काम जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
इस मौके पर राज्य मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी, सांसद गड्डम वामसी कृष्णा, विधायक गड्डम विनोद, राज्य सरकार के सलाहकार (सिंचाई) आदित्यनाथ दास और मुख्यमंत्री के सचिव माणिकराज भी मौजूद थे।
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