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तेलंगाना में लघु सिंचाई प्रणाली को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी, कृषि आयोग ने सौंपी रिपोर्ट

Kavita2
30 Aug 2026 10:27 AM IST
तेलंगाना में लघु सिंचाई प्रणाली को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी, कृषि आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
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हैदराबाद। तेलंगाना में कृषि और किसान कल्याण को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लघु सिंचाई प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रही है। तेलंगाना कृषि और किसान कल्याण आयोग ने राज्य की मौजूदा लघु सिंचाई व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करने की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि पानी के इस्तेमाल की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकी इकाइयों को शामिल करना जरूरी है।

तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कृषि और किसान कल्याण आयोग के अध्यक्ष एम. कोडंडा रेड्डी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के जुबली हिल्स स्थित आवास पर राज्य की लघु सिंचाई प्रणाली से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी।

आयोग ने दिए सुधार के सुझाव

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में बताया गया कि आयोग ने लघु सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।

आयोग की मुख्य सिफारिशों में पानी के उपयोग की दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीकी इकाइयों को शामिल करना शामिल है। इसके अलावा सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार करने पर भी जोर दिया गया है।

आयोग का मानना है कि बेहतर तकनीक के इस्तेमाल से उपलब्ध जल संसाधनों का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग किया जा सकता है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर

तेलंगाना की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में बड़ी संख्या में किसान सिंचाई सुविधाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में पानी की उपलब्धता और उसका सही प्रबंधन कृषि उत्पादन को प्रभावित करता है।

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि लघु सिंचाई परियोजनाओं को मजबूत किया जाए ताकि छोटे और मध्यम किसानों को भी बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संसाधनों का सही इस्तेमाल करने से खेती की लागत कम हो सकती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ेगी दक्षता

आयोग की रिपोर्ट में तकनीकी इकाइयों को शामिल करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाना है।

तकनीकी सहायता के जरिए पानी की निगरानी, वितरण और उपयोग को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और अधिक क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग किसानों के हित में किया जाए।

मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ हुई मुलाकात के दौरान आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में लघु सिंचाई की वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आयोग ने रिपोर्ट में व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित करने और उसमें जरूरी बदलाव करने की सिफारिश की है।

अब सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की रणनीति तैयार कर सकती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

लघु सिंचाई व्यवस्था में सुधार का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों पर पड़ने की उम्मीद है। बेहतर सिंचाई सुविधाओं से फसल उत्पादन बढ़ सकता है और किसानों को मौसम पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

तेलंगाना सरकार पहले भी कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को सहायता देने के लिए कई योजनाओं पर काम करती रही है। अब लघु सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जल प्रबंधन समय की जरूरत

बढ़ती आबादी और बदलते मौसम के बीच जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में पानी का सही उपयोग और संरक्षण बेहद जरूरी है।

कृषि और किसान कल्याण आयोग का कहना है कि तकनीकी सुधारों के जरिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। इससे न केवल किसानों को फायदा मिलेगा, बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था भी मजबूत होगी।

फिलहाल आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है। सरकार अब इस पर विचार कर आगे की कार्रवाई करेगी। यदि सिफारिशों को लागू किया जाता है तो तेलंगाना की लघु सिंचाई प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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