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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना सामने रखी है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के HITEX प्रदर्शनी केंद्र में समख्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल बिजनेस मीट-2026 का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को वर्ष 2034 तक एक ट्रिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों और निवेशकों से राज्य के विकास में भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेलंगाना देश का सबसे नया राज्य है और सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक स्थान के रूप में विकसित करना चाहती है।
2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में 'तेलंगाना राइजिंग: 2047 विजन डॉक्यूमेंट' की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए हैं।इसके तहत वर्ष 2034 तक तेलंगाना की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।मुख्यमंत्री ने बताया कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्य में उद्योग, सेवा क्षेत्र, कृषि, तकनीकी विकास और निवेश से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करना आवश्यक है।
CURE, PURE और RARE मॉडल से होगा विकास
तेलंगाना सरकार ने राज्य के विकास के लिए तीन आर्थिक क्षेत्रों की रणनीति तैयार की है। इन्हें CURE, PURE और RARE नाम दिया गया है।CURE यानी कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी के अंतर्गत हैदराबाद आउटर रिंग रोड के भीतर आने वाले क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। यहां सूचना प्रौद्योगिकी, सेवा क्षेत्र, आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।PURE यानी पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी में आउटर रिंग रोड और प्रस्तावित रीजनल रिंग रोड के बीच स्थित क्षेत्र शामिल होंगे। इस हिस्से को विनिर्माण उद्योगों, औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।RARE यानी रूरल एग्रीकल्चरल रीजन इकोनॉमी के अंतर्गत राज्य के शेष ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों को रखा गया है। यहां कृषि उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
उद्योगपतियों और निवेशकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल बिजनेस मीट में मौजूद व्यापारिक संगठनों और निवेशकों से तेलंगाना के आर्थिक विकास में सहयोग करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के साथ नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। व्यापारिक संगठन युवा उद्यमियों को उद्योगों से संबंधित जानकारी, मार्गदर्शन और निवेश के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर काम कर रही है।उनके अनुसार, राज्य की आर्थिक प्रगति में निजी क्षेत्र की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों पर भी ध्यान
तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन की प्रमुख विशेषता शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आर्थिक विकास रणनीति तैयार करना है।सरकार हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक उद्योगों तथा तकनीकी सेवाओं को बढ़ावा देना चाहती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।सरकार का मानना है कि उद्योगों और कृषि क्षेत्रों के विकास में संतुलन बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा तेलंगाना का विजन
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना राइजिंग 2047 का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।मुख्यमंत्री ने इस दिशा में राजनीतिक सहयोग, निवेश और उद्योगों की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
ग्लोबल निवेश केंद्र के रूप में पहचान बनाने की कोशिश
तेलंगाना सरकार अपनी दीर्घकालिक विकास योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करना चाहती है।सरकार ने औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार, विनिर्माण और कृषि को आर्थिक विस्तार के प्रमुख आधार के रूप में शामिल किया है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार, उद्योग जगत और निवेशकों को मिलकर काम करना होगा।फिलहाल एक ट्रिलियन और तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के आंकड़े सरकार के भविष्य के लक्ष्य हैं। इन्हें हासिल करना निवेश, आर्थिक वृद्धि और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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