तेलंगाना

राजनीतिक दलों ने POCSO मामलों पर संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की

Ratna Netam
10 May 2026 7:21 PM IST
राजनीतिक दलों ने POCSO मामलों पर संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की
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Hyderabad.हैदराबाद: तेलंगाना कांग्रेस को हाल ही में बंदी संजय के बेटे के POCSO केस को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर आलोचना का सामना करना पड़ा। कांग्रेस द्वारा किया गया यह पोस्ट विवादित साबित हुआ और राजनीतिक विरोधियों ने इसे असंवेदनशीलता और संवेदनशील मामलों में अनुचित हस्तक्षेप के रूप में देखा।
पोस्ट में बंदी संजय के बेटे से जुड़े POCSO केस के बारे में जानकारी साझा की गई थी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि पोस्ट का उद्देश्य मामले को समझाना और जागरूकता फैलाना था, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना बेहद संवेदनशील होता है, क्योंकि POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट से जुड़े मामलों में पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों की पहचान और गोपनीयता बनाए रखना ज़रूरी होता है। आलोचकों ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया।
तेलंगाना कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी का निजी जीवन प्रभावित करना नहीं था, बल्कि समाज में बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पोस्ट से उत्पन्न विवाद के लिए खेद है और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक सतर्कता बरती जाएगी।
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही। कुछ लोगों ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए, तो कुछ ने कहा कि यह पोस्ट बच्चों के प्रति अपराध के गंभीर पहलुओं को उजागर करने का प्रयास था। मीडिया और राजनीतिक दलों ने भी इस मामले पर अपनी राय दी और सभी से संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की।
विशेषज्ञों का कहना है कि POCSO मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप और सोशल मीडिया पोस्ट से पीड़ितों और परिवारों पर अप्रत्यक्ष दबाव पड़ सकता है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि ऐसे मामलों में सार्वजनिक बयानबाजी करने से पहले कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण से पूरी सावधानी बरती जाए।
इस विवाद के बाद राजनीतिक माहौल में भी हलचल देखने को मिली। विपक्षी दलों ने कांग्रेस को कठोर आलोचना का सामना करना पड़ा और पार्टी को अपने संदेश की स्पष्टता और संवेदनशीलता पर पुनर्विचार करने के लिए कहा।
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