तेलंगाना

निलोफर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर पर हमले के बाद PG डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन

Kavita2
8 Jun 2026 4:45 PM IST
निलोफर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर पर हमले के बाद PG डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन
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हैदराबाद : निलोफर अस्पताल में सोमवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब पोस्ट ग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक सेकंड-ईयर PG डॉक्टर पर कथित हमले के विरोध में अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब डॉक्टर रेस्पिरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (RICU) में ड्यूटी पर थे।

जानकारी के अनुसार, एक बच्चे के परिजनों द्वारा ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसके बाद अस्पताल में कार्यरत PG डॉक्टरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध जताया। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

निलोफर अस्पताल के सीनियर मैनेजमेंट ने सोमवार को कहा कि वे इस मामले में हमलावरों के खिलाफ नामपल्ली पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। प्रशासन ने डॉक्टरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बताया गया कि बच्चा पहले RICU में भर्ती था, जहां उसकी हालत में सुधार के संकेत मिलने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया था। रविवार शाम ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज की स्थिति का आकलन किया और परिजनों को काउंसलिंग दी थी।

हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार, बाद में बच्चे के लगातार रोने और असुविधा के कारण परिजन (दो पुरुष और तीन महिलाएं) दोबारा RICU में पहुंच गए। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

उस्मानिया जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (OJUDA) के सदस्यों ने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर ने मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत उसे फिर से RICU में शिफ्ट किया और संक्रमण एवं सुरक्षा कारणों से अटेंडेंट्स को बाहर रहने के लिए कहा। ICU नियमों के अनुसार केवल बच्चे की मां को ही अंदर रहने की अनुमति दी गई थी।

इसके बाद कथित रूप से परिजनों और डॉक्टर के बीच विवाद बढ़ गया और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना के बाद अस्पताल के अन्य जूनियर डॉक्टरों ने विरोध दर्ज कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में लगातार बढ़ती हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय हैं और इससे चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई हो।

अस्पताल प्रशासन ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के कदम उठाए जाएंगे।

इस घटना के बाद अस्पताल में कामकाज प्रभावित हुआ और डॉक्टरों ने कुछ समय के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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