तेलंगाना

Owaisi का बयान: सड़क पर नमाज़ पर विवाद, हर धर्म के जश्न पर समान नियम की मांग

Kavita2
30 May 2026 10:13 AM IST
Owaisi का बयान: सड़क पर नमाज़ पर विवाद, हर धर्म के जश्न पर समान नियम की मांग
x

Hyderabad हैदराबाद : AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को देश में सड़क पर नमाज़ और धार्मिक आयोजनों को लेकर चल रही बहस पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि सड़कों पर नमाज़ पढ़ना स्वीकार नहीं किया जाता, तो यही नियम सभी धर्मों के सड़क पर होने वाले आयोजनों और जश्न पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।

यह बयान उन्होंने शुक्रवार शाम AIMIM मुख्यालय में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए दिया। अपने संबोधन में ओवैसी ने देश में मुसलमानों के खिलाफ कथित भेदभाव और हमलों को लेकर चिंता जताई और कहा कि समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में एक वर्ग विशेष को अलग-थलग करने और उसे “द्वितीय श्रेणी का नागरिक” बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कानून व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर कोई नियम बनते हैं, तो वे सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए, न कि केवल किसी एक समुदाय पर।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक गतिविधियों को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच समाज में समानता और न्याय की भावना को बनाए रखना जरूरी है। ओवैसी के अनुसार, किसी भी समुदाय को उसके धार्मिक अभ्यास के आधार पर अलग नजर से देखना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

सभा में बोलते हुए उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के कई हिस्सों में मुसलमानों को लेकर नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक दूरी बढ़ रही है। उन्होंने इस स्थिति को देश की एकता के लिए ठीक नहीं बताया।

ओवैसी ने कहा कि सड़कें सभी नागरिकों की साझा जगह हैं, और यदि किसी धार्मिक गतिविधि पर आपत्ति है, तो वह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को न्याय और समानता से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी धर्म के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर सड़क पर धार्मिक गतिविधियों और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न दलों और संगठनों के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

फिलहाल इस बयान को लेकर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

Next Story