तेलंगाना

ओवैसी की मांग: पाकिस्तान को FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ में फिर से शामिल करे भारत सरकार

Kavita2
20 Jun 2026 4:35 PM IST
ओवैसी की मांग: पाकिस्तान को FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ में फिर से शामिल करे भारत सरकार
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Hyderabad हैदराबाद : AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार से अपील की कि पाकिस्तान को एक बार फिर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल कराने के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने वैश्विक आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भारत की सख्त नीति की आवश्यकता पर जोर दिया।

असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पोस्ट में कहा कि विवेक अग्रवाल का FATF उपाध्यक्ष बनना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, और अब इस अवसर का उपयोग करते हुए सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिए ताकि उस पर वित्तीय और कूटनीतिक दबाव बढ़ सके।

ओवैसी ने अपने बयान में यह भी कहा कि TRF (The Resistance Force) को लेकर अमेरिका द्वारा की गई सूचीबद्ध कार्रवाई का “कोई खास लाभ नहीं है”। उन्होंने दावा किया कि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ केवल राष्ट्रीय स्तर की नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि The Resistance Force को संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल कराने के लिए भारत सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। ओवैसी ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी सूची में शामिल कराने के प्रयास करने चाहिए।

अपने बयान में ओवैसी ने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए नवंबर 2025 में लाल किले पर हुए आत्मघाती धमाके का भी जिक्र किया और कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर और कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

NDA सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अपनी कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि भारत को FATF जैसे वैश्विक मंचों पर और अधिक आक्रामक रुख अपनाना चाहिए, जबकि कुछ इसे कूटनीतिक स्तर पर सावधानी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताते हैं।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ओवैसी के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, FATF और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर भारत की नीति लंबे समय से वैश्विक मंचों पर सक्रिय रही है।

इस पूरे मुद्दे ने एक बार फिर आतंकवाद, वित्तीय निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है।

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