तेलंगाना

हैदराबाद में अंडाणु निष्कर्षण रैकेट का भंडाफोड़

Subhi
1 Nov 2026 3:00 PM IST
हैदराबाद में अंडाणु निष्कर्षण रैकेट का भंडाफोड़
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हैदराबाद: मलकजगिरी पुलिस ने मानव अंडे (ओसाइट) निकालने और उन्हें व्यावसायिक रूप से बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और 48 महिलाओं को बचाया है। इन महिलाओं को हर बार अंडा दान (एग डोनेशन) करने के बदले 20,000 से 30,000 रुपये देने का लालच देकर इस काम में फंसाया गया था। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से थीं। इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से लाया गया था और इस प्रक्रिया के लिए हैदराबाद लाया गया था।

यह रैकेट एजेंटों, लोगों को काम पर रखने वालों (रिक्रूटर) और बिचौलियों के एक नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा था। यही लोग महिलाओं को लाने, उनके सफर और रहने-सहने की व्यवस्था करते थे।

हैदराबाद लाने के बाद, इन महिलाओं को फर्टिलिटी सेंटरों में भेजा जाता था, जहाँ उनके अंडाशय को उत्तेजित (ओवेरियन स्टिमुलेशन) करके अंडे निकाले जाते थे। पुलिस के मुताबिक, निकाले गए इन अंडों को व्यावसायिक मुनाफे के लिए फर्टिलिटी सेंटरों को बेच दिया जाता था।

शुक्रवार को मलकजगिरी पुलिस ने प्रकाश नगर, बेगमपेट, एर्रागड्डा, सरूरनगर और गोपालपुरम में एक साथ छापेमारी की। इस मामले की जानकारी देते हुए मलकजगिरी पुलिस कमिश्नर बी. सुमति ने बताया कि इन जगहों पर बिना किसी अधिकृत मेडिकल निगरानी या बायोमेडिकल कचरे को सही तरीके से नष्ट करने की व्यवस्था के बिना ही ये प्रक्रियाएं की जा रही थीं। पुलिस ने 'ह्यूमोग एचपी 150 आईयू' (Humog HP 150 IU) इंजेक्शन की 5 शीशियां, एक सिरिंज, दो सुइयां, प्रिमोलुट (Primolut) और मेप्रेट (Meprate) टैबलेट के साथ-साथ कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

पुलिस कमिश्नर सुमति ने बताया कि मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला और बेगमपेट के प्रकाश नगर में रहने वाला अमित शर्मा (44) इस पूरे रैकेट का मुख्य आयोजक हो सकता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब दो साल से एक किराए की जगह से यह काम चला रहा था, जिसके लिए वह हर महीने 50,000 रुपये किराया देता था।

पुलिस के अनुसार, हैदराबाद की रहने वाली निखत परवीन (31) इस काम में उसकी मदद करती थी। वह एजेंटों के जरिए महिलाओं (खासकर पश्चिम बंगाल से) को लाती थी और उनके सफर तथा रहने-सहने की व्यवस्था करती थी।

गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में IVF एजेंट रेशमा खातून (26), और मेडिकल प्रक्रियाओं में मदद करने वाले मेघावत श्रीनिवास उर्फ ​​सोनू (23) तथा जेप्रे प्रदीप (27) शामिल हैं। और विजय भगवाह राव सालुंके (46), जो 'बटरफ्लाई बायो एंड एआरटी बैंक' में दस्तावेज़ीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) के काम से जुड़े थे। पुलिस ने बताया कि पंकज सोनी (52) ने इस पूरे काम का समन्वय (कोऑर्डिनेशन) किया था, जबकि एसके परवीन (42) की भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। सरूरनगर पुलिस ने एमिरिशेट्टी दुर्गा प्रसाद (42) को भी गिरफ्तार किया है।

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