
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक महिला की अपील खारिज कर दी है, जिसे अपने पति का नायलॉन की रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने का दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है।
जस्टिस के. लक्ष्मण और जस्टिस के. सुजाना की खंडपीठ ने IPC की धारा 302 और 201 के तहत अगुर्ला लक्ष्मी उर्फ गौरी की दोषसिद्धि की पुष्टि की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 18 जनवरी 2016 को जब लक्ष्मी का पति कोमुराैया सो रहा था, तब उसने उसका गला घोंट दिया। बताया जाता है कि उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे और महिला को परेशान किया जाता था।
शुरुआत में उसने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बताया कि पति की मौत अत्यधिक शराब पीने की वजह से हुई है। हालांकि, अगली सुबह जब शव को नहलाया जा रहा था, तो उसकी गर्दन पर गला घोंटे जाने का निशान दिखा। पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली।
खंडपीठ ने कहा कि मेडिकल सबूतों - जिसमें गर्दन पर निशान और हायोइड हड्डी (गले की हड्डी) का टूटना शामिल है - से यह साबित होता है कि मौत गला घोंटने से हुई थी। कोर्ट ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बयानों, महिला द्वारा पहले दिए गए कबूलनामे और नायलॉन की रस्सी की बरामदगी को भी आधार माना।
कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने ऐसी घटनाओं की एक अटूट कड़ी पेश की है, जिससे बिना किसी संदेह के उसका अपराध साबित होता है। इसके साथ ही, मौत के कारण के बारे में गलत जानकारी देकर अपराध को छिपाने की कोशिश करने के लिए, IPC की धारा 201 के तहत भी उसकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया।





